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Friday, April 3, 2026

राज्यसभा में क्या होता है डिप्टी लीडर का काम, पढ़ें कितना ताकतवर होता है ये पद

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा को राज्यसभा में Deputy Leader के पद से हटा दिया गया है। अब यह जिम्मेदारी अशोक मित्तल को सौंप दी गई है लेकिन इसी बीच लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि आखिर राज्यसभा में यह पद कितना ताकतवर है?

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इस पद पर आसीन व्यक्ति लीडरशिप के फैसलों और सदन के अंदर उनके जमीनी एग्जीक्यूशन के बीच एक ब्रिज का काम करता है। डिप्टी लीडर की सबसे बड़ी ताकत में से एक है पार्टी के बोलने के समय का प्रबंधन करना। संसदीय कार्यवाही में समय सीमित और काफी मूल्यवान होता है। डिप्टी लीडर यह तय करता है कि कौन सा सांसद कब, कितने समय के लिए और किस मुद्दे पर बोलेगा। इसका सीधा असर किसी सांसद की विजिबिलिटी और बहस के दौरान पार्टी के संदेश पर पड़ता है।

ऐसी स्थितियों में जब मुख्य नेता अनुपस्थित होते हैं तो डिप्टी लीडर पार्टी की रणनीति को दिशा देने के लिए आगे आते हैं। तर्क गढ़ने से लेकर भागीदारी की शैली तय करने तक यह भूमिका इस बात को पक्का करती है कि अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी का पक्ष साफ तौर से दिखाई जाए। इसी के साथ इस पद के अंतर्गत राज्यसभा सचिवालय के साथ नियमित संवाद भी शामिल होता है।

इसमें नोटिसों का प्रबंधन करना, भागीदारी का कार्यक्रम तय करना और इस बात को पक्का करना शामिल है कि सभी प्रक्रिया नियम मुताबिक पूरी की जाए। एक और बड़ी जिम्मेदारी है पार्टी की व्हिप व्यवस्था के साथ मिलकर काम करना। डिप्टी लीडर यह पक्का करने में मदद करते हैं कि मतदान के दौरान सांसद एकजुट रहें और पार्टी की तयशुदा नीति का पालन करें।

Tag: #nextindiatimes #DeputyLeader #RaghavChadha #AAP

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