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Saturday, February 21, 2026

बोर्ड ऑफ पीस में शामिल हैं कितने देश, क्या संयुक्त राष्ट्र को दे सकता है चुनौती?

डेस्क। गाजा संकट के बीच एक नई वैश्विक पहल ने दुनिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। दावा है कि यह मंच संयुक्त राष्ट्र जैसी बड़ी संस्था को भी चुनौती दे सकता है। इसका नाम है ‘बोर्ड ऑफ पीस’। इसकी पहली बैठक में करीब 50 देशों ने हिस्सा लिया और भारत भी वहां मौजूद रहा, लेकिन सदस्य के रूप में नहीं, बल्कि पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहा।

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इन सदस्य देशों में अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र में बड़े फैसलों के लिए व्यापक सहमति की जरूरत होती है और सुरक्षा परिषद में वीटो जैसी व्यवस्था भी मौजूद है।

इसके उलट, इस नए Board of Peace में फैसले लेने की प्रक्रिया ज्यादा केंद्रीकृत मानी जा रही है। प्रस्तावित ढांचे के अनुसार, Donald Trump को इसका आजीवन अध्यक्ष बनाया गया है और उन्हें व्यापक निर्णय लेने के अधिकार दिए गए हैं। फिलहाल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ एक उभरता हुआ मंच है, जबकि United Nations 1945 से वैश्विक स्तर पर काम कर रहा है और उसके 190 से ज्यादा सदस्य देश हैं।

ऐसे में आकार, अनुभव और वैश्विक मान्यता के लिहाज से संयुक्त राष्ट्र अभी भी कहीं ज्यादा व्यापक संस्था है। हालांकि, यह साफ है कि नई पहल ने वैश्विक कूटनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि कितने देश औपचारिक रूप से इससे जुड़ते हैं और क्या यह मंच वाकई अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों में कोई बड़ा बदलाव ला पाता है।

Tag: #nextindiatimes #BoardofPeace #UnitedNations

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