नई दिल्ली। अक्सर सोशल मीडिया पर सांसदों (MP) के वेतन और सुविधाओं को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आती रहती हैं, लेकिन असल सच क्या है? 1 अप्रैल 2023 से लागू नए संशोधनों के बाद सांसदों की सैलरी और भत्तों में बदलाव हुआ है। आइए समझते हैं इसका गणित।
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राज्यसभा और लोकसभा सांसदों की मूल सैलरी में कोई अंतर नहीं है। दोनों सदनों के सदस्यों को समान वेतन मिलता है। 1 अप्रैल 2023 से लागू संशोधन के बाद प्रत्येक सांसद को लगभग 1,24,000 रुपये से 1,25,000 रुपये प्रति माह मूल वेतन दिया जाता है। इससे पहले यह राशि 1,00,000 रुपये थी, जिसमें करीब 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। यानि वेतन के मामले में राज्यसभा और लोकसभा सांसद बराबरी पर हैं। किसी को कम या ज्यादा नहीं मिलता है।

सांसदों को कई तरह के भत्ते भी मिलते हैं। संसद सत्र के दौरान या किसी आधिकारिक बैठक में शामिल होने पर उन्हें 2,500 रुपये प्रतिदिन का दैनिक भत्ता दिया जाता है। यह भत्ता केवल उन दिनों के लिए मिलता है जब सांसद कार्यवाही में हिस्सा लेते हैं। कार्यालय खर्च के लिए हर महीने 75,000 रुपये मिलते हैं।इसमें लगभग 50,000 रुपये स्टाफ के वेतन के लिए और 25,000 रुपये स्टेशनरी व अन्य कार्यालयी जरूरतों के लिए तय होता है।
सांसदों को दिल्ली में सरकारी आवास की सुविधा दी जाती है। इसके अलावा उन्हें साल में 34 मुफ्त हवाई यात्राओं की सुविधा मिलती है। रेल यात्रा में फर्स्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध होती है। सांसद और उनके परिवार को CGHS योजना के तहत मुफ्त इलाज मिलता है। बिजली और पानी की भी निश्चित सीमा तक मुफ्त सुविधा दी जाती है। सांसदों का वेतन संसद द्वारा पारित कानून के तहत तय होता है।
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