एंटरटेनमेंट डेस्क। एक बड़ा सा पर्दा और उस पर्दे पर खिलखिलाती और चहकती एक हसीना…नवाब बानो यानि निम्मी। वो जादुई आंखों वाली ‘नवाब बानो’, जिन्हें दुनिया भर में निम्मी के नाम से जानी गईं। राज कपूर की एक ऐसी खोज, जिसने पर्दे पर कदम रखते ही ‘बरसात’ ला दी थी। एक ऐसी स्टार, जिसके लिए फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर्स तक आपस में लड़ जाते थे।’
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Hindi cinema में निम्मी जब आईं तो ये वो दौर था जब सिनेमा नई राह पकड़ रहा था। निम्मी ही वो एक्ट्रेस थीं, जिन्होंने राज कपूर की पहली कलर फिल्म में काम किया था। एक्ट्रेस निम्मी का असली नाम नवाब बानो था।उनका जन्म 21 फरवरी, 1932 को आगरा में हुआ। निम्मी ने बचपन में खेतों में काम किया तो ऐसे में स्कूल नहीं जा पाईं। इसके बाद जब पार्टीशन के दौरान देश में दंगे हुए थो निम्मी नानी के साथ बंबई आकर रहने लगीं।

राज कपूर उस दौरान अपनी फिल्म बरसात के लिए एक नया चेहरा ढूंढ़ रहे थे। आखिरकार निम्मी के रूप में उन्हें फिल्म की की सेकेंड लीड हीरोइन मिल गई। फिल्म में निम्मी प्रेमनाथ के अपोजिट नजर आईं। इस फिल्म से फिर निम्मी ने डेब्यू किया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस फिल्म के बाद निम्मी को बड़ी फिल्मों के ऑफर्स मिलने लगे।
1952 में जब उनकी फिल्म ‘आन’ का प्रीमियर लंदन में हुआ, तो हॉलीवुड के बड़े सितारे वहां मौजूद थे। उस दौर के मशहूर एक्टर एरोल फ्लिन ने उनके हाथ को चूमने की कोशिश की, लेकिन निम्मी ने अपना हाथ पीछे खींच लिया और कहा, “मैं एक हिंदुस्तानी लड़की हूं, हम ऐसे नहीं करते।”अगले दिन लंदन के अखबारों में हेडलाइन थी “The Unkissed Girl of India”।
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