16 C
Lucknow
Friday, January 23, 2026

वसंत पंचमी पर क्यों उड़ाई जाती हैं पतंग? दिलचस्प है इसके पीछे की वजह

डेस्क। वसंत पंचमी का त्योहार (Basant Panchami 2026) वसंत ऋतु के आगमन का जश्न होता है। यह वो समय है जब कड़ाके की ठंड विदा लेती है और मौसम में एक खुशनुमा गर्माहट घुलने लगती है। इस खास मौके पर ज्ञान, संगीत और सभी कलाओं की देवी, मां सरस्वती की पूजा की जाती है।

यह भी पढ़ें-26 जनवरी और 15 अगस्त को झंडा फहराने का है अलग तरीका, जानें अंतर

भले ही यह दिन पूजा-पाठ के लिए जाना जाता हो लेकिन उत्तर भारत- खासतौर से उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में वसंत पंचमी की सबसे बड़ी पहचान ‘पतंग महोत्सव’ है। इस दिन आसमान अलग-अलग रंगों की पतंगों से भर जाता है। यह नजारा वसंत से जुड़ी खुशी और आजादी की भावना को दर्शाता है।

पतंग उड़ाने की परंपरा की जड़ें प्राचीन रीति-रिवाजों में हैं, लेकिन आज यह बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए एक पसंदीदा शौक बन गया है। इस दिन परिवार और दोस्त छतों और खुले मैदानों में इकट्ठा होते हैं। हवा के साथ पतंगों की डोर खींचते हुए लोगों की हंसी और उत्साह का शोर हर तरफ सुनाई देता है। यह त्योहार प्रेम और उत्साह की लहर लेकर आता है, जो हमें याद दिलाता है कि सबसे ठंडे दिनों के बाद भी नई शुरुआत और बेहतर समय हमेशा आगे हमारा इंतजार कर रहा होता है।

भारत की छह ऋतुओं में वसंत को सबसे खास माना जाता है। इस समय प्रकृति अपनी सर्दियों की नींद से जागती है, खेत हरियाली और पीली सरसों से लहलहा उठते हैं और हवा में खुशी के रंग घुल जाते हैं। सदियों पुरानी परंपराओं ने वसंत की इसी खुशी को पतंगों की ऊंची उड़ान के साथ जोड़ दिया है। पतंगें केवल देखने में सुंदर नहीं होतीं, बल्कि वे उम्मीद और हमारी आकांक्षाओं का भी प्रतीक हैं।

Tag: #nextindiatimes #BasantPanchami2026 #kites

RELATED ARTICLE

close button