स्पोर्ट्स डेस्क। Mallika Sagar आईपीएल नीलामी का एक अहम हिस्सा बन गई है। लेकिन इस शांत चेहरे के पीछे एक अनोखी और ऐतिहासिक यात्रा छिपी है। 1975 में मुंबई में जन्मीं मल्लिका ने एक ऐसा करियर बनाया है जो दो अलग-अलग दुनियाओं को जोड़ता है- फाइन आर्ट और बड़े खेल आयोजनों की नीलामी।
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एक कारोबारी परिवार में पली-बढ़ीं, उनकी नीलामी में दिलचस्पी एक किताब से शुरू हुई, जिसमें एक महिला नीलामीकर्ता मुख्य किरदार थी। इसी प्रेरणा ने उन्हें उस रास्ते पर डाला जिस पर भारत में बहुत कम लोग चले थे। मल्लिका सागर ने मुंबई से कनेक्टिकट तक पढ़ाई की और फिर फिलाडेल्फिया के ब्रिन मॉर कॉलेज से आर्ट हिस्ट्री में डिग्री हासिल की।
2001 में उन्होंने लंदन में सोथबीज में अपना करियर शुरू किया, जहां उन्होंने भारतीय और दक्षिण एशियाई कला में गहरी विशेषज्ञता हासिल की। सिर्फ 26 साल की उम्र में वह न्यूयॉर्क में क्रिस्टीज की पहली भारतीय महिला नीलामीकर्ता बनीं और उन्होंने आधुनिक और समकालीन भारतीय कला पर ध्यान केंद्रित किया। यह एक बड़ी उपलब्धि थी जिसने उन्हें दुनिया भर के नीलामी बाजार में पहचान दिलाई।

कला की दुनिया में कई साल अंतरराष्ट्रीय अनुभव लेने के बाद, मल्लिका मुंबई लौट आईं और पुंडोले आर्ट गैलरी जैसी जानी-मानी संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया। कला जगत में उनकी सफलता ने उन्हें खेल की नीलामी में आसानी से कदम रखने का मौका दिया। 2021 में प्रो कबड्डी लीग में पहली महिला नीलामीकर्ता बनकर उन्होंने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया। इसके दो साल बाद उन्हें पहली महिला प्रीमियर लीग की नीलामी कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने आईपीएल 2024 की मिनी-नीलामी और सऊदी अरब के जेद्दाह में हुई हाई-प्रोफाइल आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन का भी संचालन किया।
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