7.8 C
Lucknow
Monday, January 12, 2026

खुशबूदार कैंडल्स बना देंगी आपको बीमार, जान लें इसके बड़े नुकसान

लाइफस्टाइल डेस्क। रोमांटिक-सा डिनर हो या फिर घर की वाइब में पॉजिटिव बदलाव लाना हो, कैंडल एक आसान और सस्ता विकल्प नजर आता है। अपने घर के अंदर रोजाना Scented candles जलाने वाले लोगों की सेहत पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही इससे निकलने वाले धुएं व पार्टिकल्स सिरदर्द, चक्कर, एंग्जायटी या फिर कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।

यह भी पढ़ें-कितना ब्लड प्रेशर होने पर आ सकता है हार्ट अटैक?

मोमबत्ती जलाते ही हाइड्रोजन और कार्बन युक्त केमिकल कम्पाउंड हवा में घुल जाता है। जलती हुई मोमबत्ती के पार्टिकल्स में कुछ मात्रा में टोल्यूनि और बेंजीन के भी कुछ अंश रिलीज हो जाते हैं। टोल्यूनि का इस्तेमाल आमतौर पर पेंट थिनर और एडहेसिव में होता है।

मोम का टाइप और उसकी क्वालिटी भी काफी मायने रखती है। हालांकि, इसको लेकर अभी तक कोई वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन पैराफिन वैक्स से बचना ही फायदेमंद है। यह पेट्रोलियम से बना होता है और इससे बाकी वैक्स की तुलना में ज्यादा हानिकारक गैस निकलती है। ये वैक्स सस्ता भी होता है। सोया वैक्स, बीजवैक्स या स्टीयरिन वैक्स वाली मोमबत्तियां ही जलाएं।

मोमबत्ती की बाती कॉटन, लकड़ी या फिर सिंथेटिक की बनी हो, उसमें लेड या जिंक जैसे मेटल नहीं होने चाहिए। अगर आपको खुशबूदार कैंडल जलाना पसंद है तो फिर एसेंशियल ऑयल वाली मोमबत्ती चुनें। केमिकल युक्त डाई वाली मोमबत्तियों से बचें। कैंडल जलते समय घर की खिड़कियां रखें और कमरा हवादार हो। सस्ती मोमबत्तियों के जाल में न फंसे, इनमें नुकसानदायक केमिकल्स का खतरा ज्यादा रहता है। मोमबत्ती की बाती बहुत लंबी नहीं होनी चाहिए, आप उसे खुद काटकर छोटी कर सकते हैं। सिरदर्द, सांस से जुड़ी परेशानी या आंखों की समस्या से बचने के लिए थोड़ी देर के लिए ही सेंटेड कैंडल जलाएं।

Tag: #nextindiatimes #Scentedcandles #Health #Lifestyle

RELATED ARTICLE

close button