डेस्क। अफीम (Opium), गांजा और भांग- चार नाम लेकिन नशे की दुनिया में इनका असर और पहचान बिल्कुल अलग-अलग है। कई लोग इन्हें एक जैसा समझ बैठते हैं लेकिन असली फर्क इतना चौंकाने वाला है कि जानकर हैरान रह जाएंगे। किस नशे का असर सबसे तेज होता है?
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नशे का नाम उठते ही सबसे पहले गांजा, अफीम और भांग जैसे शब्द सामने आते हैं। दिखने में एक जैसे लगने वाले यह सभी नशे वास्तव में अलग तरीके से तैयार किए जाते हैं और शरीर पर इनका असर भी अलग होता है। भारत में इनके उपयोग और उत्पादन को लेकर कानून काफी सख्त हैं फिर भी इनके बारे में लोगों में आधी-अधूरी जानकारी रहती है।
अफीम पोस्त के पौधे से निकलने वाला एक सख्त, चिपचिपा रस होता है। जब पौधे की फलियों पर कट लगाई जाती है तो उससे निकलने वाला सफेद दूध जैसा लिक्विड हवा लगते ही भूरा हो जाता है। यही सूखा हुआ पदार्थ अफीम कहलाता है। इसमें मॉर्फिन और कोडीन जैसे अत्यधिक नशीले तत्व होते हैं।

गांजा भांग के पौधे की पत्तियों और फूलों को सुखाकर मिलता है। इसमें THC (Tetrahydrocannabinol) नाम का रसायन होता है, जो दिमाग पर सीधे असर डालता है। गांजे का नशा मध्यम स्तर का माना जाता है। यह मूड, सोच और टाइम-सेंस को प्रभावित करता है लेकिन ओपियम जितना खतरनाक नहीं माना जाता है।
भांग पौधे की पत्तियों को सुखाकर और पीसकर बनाई जाती है। भारत में होली जैसे त्योहारों पर इसका सेवन आम है। कानून इसे सीमित मात्रा में अनुमति देता है। भांग का नशा सबसे हल्का होता है। यह शरीर को रिलैक्स करता है लेकिन अधिक सेवन नुकसानदायक होता है।
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