डेस्क। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को मौत की सजा सुनाई गयी है। अदालत ने तीन आरोपों में हसीना को दोषी ठहराया। यह महीनों चले ट्रायल का नतीजा है, जिसमें हसीना पर पिछले साल छात्र आंदोलन पर घातक कार्रवाई का आदेश देने का दोष साबित हुआ। चलिए आपको बताते हैं कि शेख हसीना से पहले किन नेताओं को मौत की सजा सुनाई गई है।
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अगर शेख हसीना से पहले सबसे पहला नाम; जो दुनिया भर के लोगों को जुबानी याद है वह है सद्दाम हुसैन का। इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को 2006 में मानवता के खिलाफ अपराध, राजनीतिक दमन और नरसंहार के आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई थी। इस लिस्ट में दूसरे नम्बर पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो का नाम भी शामिल है। उन्हें 4 अप्रैल 1979 में रावलपिंडी में फांसी दे दी गयी थी। भुट्टो को निष्पक्ष ट्रायल नहीं दिया गया था।

इस लिस्ट में अगला नाम एक सनकी तानाशाह का है। इसने रोमानिया पर 25 साल तानाशाही की। 21 दिसंबर 1989 में देश भर में फैले विद्रोह के बीच गिरफ्तार किया गया। उनकी पत्नी सहित उन्हें एक सैन्य अदालत में कुछ ही घंटों के ट्रायल के बाद जनसंहार, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों में दोषी पाया गया। फैसले के तुरंत बाद दोनों को फायरिंग स्क्वाड द्वारा मौत की सजा दी गई।
इस लिस्ट में बांग्लादेश के ही एक लीडर मतिउर रहमान निजामी का नाम है। 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध के मामलों में दोषी ठहराया गया। बांग्लादेश की विशेष अदालत ने उन्हें नरसंहार, हत्या और यातना जैसे मामलों में मौत की सजा दी। वह कट्टरपंथी दल जमात-ए-इस्लामी का प्रमुख भी था।
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