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Monday, March 16, 2026

आखिर क्यों खास है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, कौन है समंदर के इस रास्ते का मालिक?

डेस्क। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग में सबसे कमजोर कड़ी ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) बनी हुई है। यह महज पानी का एक रास्ता नहीं, बल्कि दुनिया की नब्ज है, जहां से गुजरने वाला तेल तय करता है कि आपके घर का चूल्हा जलेगा या नहीं।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का यह रास्ता इतना संकरा है कि इसके सबसे कम चौड़े हिस्से की दूरी महज 33 किलोमीटर है लेकिन इसकी अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाइए कि दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और भारी मात्रा में एलएनजी (LNG) इसी रास्ते से होकर गुजरती है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था ताश के पत्तों की तरह बिखर सकती है। यही वजह है कि आज अमेरिका से लेकर चीन तक सबकी नजरें इसी संकरे पानी पर टिकी हैं।

कानूनी तौर पर देखा जाए तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर किसी एक देश का मालिकाना हक नहीं है। इसके उत्तरी हिस्से में ईरान की सीमा लगती है और दक्षिणी छोर पर ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित हैं। अंतरराष्ट्रीय कानूनों (UNCLOS) के तहत यह एक इंटरनेशनल वाटरवे है, जिसका मतलब है कि यहां से सभी देशों के जहाजों को शांतिपूर्ण ढंग से गुजरने का अधिकार है। हालांकि भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि ईरान अपनी नौसेना के जरिए इस पर जबरदस्त सैन्य नियंत्रण रखता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस रास्ते के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। यह न केवल अमेरिका और ईरान की जंग होगी, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक आर्थिक मंदी की शुरुआत होगी। फिलहाल यह समंदर का रास्ता शांति की उम्मीद और विनाश की आशंका के बीच झूल रहा है।

Tag: #nextindiatimes #StraitofHormuz #IranUSTension

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