डेस्क। अक्सर शराब पीने के बाद तेज सिर दर्द, मुंह सूखना और जी मिचलाना जैसे भारी एहसास होते हैं लेकिन हैंगओवर आमतौर पर शराब पीने के पीक पर नहीं होता। इसके बजाय यह अगली सुबह तब होता है जब खून में अल्कोहल का लेवल गिरने लगता है। साइंस के मुताबिक Hangover सिर्फ एक वजह से नहीं होता। यह शरीर के अंदर होने वाली कई मुश्किल फिजियोलॉजिकल प्रक्रिया की वजह से होता है।
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जब अल्कोहल शरीर में जाता है तो लीवर उसे तोड़ने का काम करता है। इस प्रक्रिया में बनने वाला पहला कंपाउंड एसीटैल्डिहाइड है। यह काफी जहरीला और कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ होता है जो असल में शराब से भी ज्यादा नुकसानदायक है। अगर यह शरीर से जितनी तेजी से निकल पाता है उससे ज्यादा तेजी से बनता है तो इससे जी मिचलाना, पसीना आना, चेहरे पर लाली और दिल की धड़कन तेज होना जैसे लक्षण दिखते हैं।

शराब पेट की परत में जलन पैदा करती है और एसिड का बनाना बढ़ाती है। इस सूजन से पेट में दर्द, उल्टी और आमतौर पर बेचैनी महसूस हो सकती है। जो लोग खाली पेट शराब पीते हैं उन पर यह असर और भी ज्यादा हो सकते हैं। हैंगओवर आमतौर पर तब ज्यादा होता है जब ब्लड अल्कोहल लेवल जीरो हो जाता है। उस समय आपका शरीर डिहाइड्रेशन, टॉक्सिन बिल्डअप, लो ब्लड शुगर, पेट में जलन और खराब नींद से जूझ रहा होता है।
शराब लीवर की ग्लूकोस बनाने की क्षमता में रूकावट डालती है। यह नार्मल ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखने के लिए काफी जरूरी होता है। जब ब्लड शुगर गिरता है तो शरीर थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन और यहां तक की कंपकंपी के साथ रिएक्ट करता है।
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