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Friday, March 6, 2026

क्यों चुने जाते हैं राज्यसभा सांसद, पढ़ें कौन करता है वोटिंग

नई दिल्ली। भारत की संसद दो सदनों लोकसभा और राज्यसभा से मिलकर बनी है। लोकसभा जहां पूरे देश की जनता का सीधा प्रतिनिधित्व करती है, वहीं राज्यसभा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का काम करती है। Rajya Sabha के सदस्य जनता द्वारा सीधे नहीं, बल्कि राज्यों की विधानसभाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा चुने जाते हैं।

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राज्यसभा के सदस्यों के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 30 साल है। इस चुनाव में राज्यों की विधानसभा के चुने हुए विधायक ही हिस्सा ले सकते हैं। देश के पांच राज्यों में विधान परिषद भी हैं, जो राज्यसभा की तर्ज पर ही काम करती हैं। इनके सदस्य राज्यसभा चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य और केंद्र शासित प्रदेशों के निर्वाचक मंडल राज्यसभा के सदस्यों को चुनने के लिए मतदान करते हैं।

राज्यसभा सदस्य को चुनने के लिए एक फॉर्मूला है। राज्यसभा सदस्य बनने के लिए एक विधानसभा के कुल विधायकों की संख्या को 100 से गुणा करते हैं। इस संख्या को राज्य की कुल राज्यसभा सीटों में एक जोड़कर उससे भाग किया जाता है। इसके बाद जो संख्या मिलती है उसमें एक और जोड़ते हैं। अब जो संख्या बनती है राज्यसभा बनने के लिए न्यूनतम उतने विधायकों के वोट जरूरी होते हैं।

अगर किसी सदस्य को पहली वरीयता के सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं पर वह फॉर्मूले के तहत जीत के लिए निकलने वाली संख्या से कम है तो दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती होती है। यानी अगर एक नंबर पाने वाले उम्मीदवार के कुल वोट सबसे ज्यादा होने के बावजूद फॉर्मूले पर खरे नहीं उतरते तो दूसरे नंबर वाले उम्मीदवार को मिले वोटों की गिनती होती है।

Tag: #nextindiatimes #RajyaSabha #NitishKumar

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