डेस्क। जैसे-जैसे मध्य पूर्व में तनाव की वजह से एलपीजी की सप्लाई में रुकावट आई है, गैस सिलेंडर (Gas Cylinders) और तेल टैंकर जैसी चीजों पर लोगों का अचानक ध्यान गया है। हालांकि इनका इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी में काफी आम है लेकिन काफी कम लोग इस बात पर गौर कर पाते हैं कि ये हमेशा गोल आकार के ही क्यों होते हैं। आइए जानते हैं इसका जवाब?
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जब किसी कंटेनर या सिलेंडर के अंदर गैस या फिर तरल पदार्थ को जमा किया जाता है तो वह सभी दिशाओं से उसकी दीवारों पर दबाव डालता है। गोल या फिर बेलनाकार होने की वजह से यह दबाव पूरी सतह पर एक समान रूप से फैल जाता है। अगर सिलेंडर में कोने होते तो दबाव उन कोनों पर केंद्रित हो जाता, जिससे दरार पड़ने या फिर विस्फोट होने का खतरा बढ़ जाता।

गोल टैंकों में कोई नुकीले किनारे या फिर कोने नहीं होते। दुर्घटना या किसी चीज से टकराने की स्थिति में बेलनाकार टैंक झटके को ज्यादा असरदार तरीके से झेल सकते हैं। इससे चौकोर आकार के कंटेनरों की तुलना में उनके फटने की संभावना कम हो जाती है। तेल टैंकर लगातार हलचल, कंपन और बाहरी दबाव का सामना करते हैं। गोल आकार बेहतर ढांचागत स्थिरता देता है। इससे टैंकर बिना आसानी से अपना आकर बदले दबाव को झेल पाता है।
बेलनाकार टैंकों की सफाई करना काफी आसान होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें कोई कोने नहीं होते। यहां धूल, गंदगी या तेल जमा नहीं हो सकता। इससे रखरखाव का काम जल्दी हो जाता है। गैस सिलेंडर आमतौर पर कम कार्बन वाले स्टील या फिर स्टेनलेस स्टील से बनाए जाते हैं। ये बिना टूटे भारी दबाव को झेल सकते हैं।
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