32.8 C
Lucknow
Friday, March 13, 2026

संसद में माइक बटन का कंट्रोल होता है किसके पास? जानें इसके नियम-कायदे

नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के अगले दिन वे सदन में वापस आ चुके हैं। लेकिन क्या वाकई स्पीकर की कुर्सी के पास कोई ऐसा बटन होता है, जिसे दबाते ही किसी सांसद की आवाज खामोश हो जाती है या फिर इस पूरी व्यवस्था के पीछे कोई तकनीकी और प्रशासनिक मशीनरी काम करती है?

यह भी पढ़ें-संसद की कार्यवाही के बीच में बातचीत करने वाले सांसदों को क्या मिलती है सजा?

Parliament के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में एक विशेष चैंबर होता है, जहां प्रशिक्षित साउंड टेक्नीशियन बैठते हैं। यह चैंबर सदन की कार्यवाही के ठीक सामने या ऊंचाई पर स्थित होता है, जहां से अधिकारी कांच की दीवार के जरिए पूरे सदन को देख सकते हैं। यह कर्मचारी लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के स्थायी अधिकारी होते हैं, किसी राजनीतिक दल के नहीं। उनके पास एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल बोर्ड होता है, जिसमें हर सांसद की सीट संख्या के अनुसार बटन लगे होते हैं।

संसद के भीतर हर माननीय सांसद की सीट तय होती है और हर सीट पर एक माइक्रोफोन डेस्क लगी होती है। इन माइक्रोफोन का एक विशिष्ट नंबर होता है, जो सीधे कंट्रोल चैंबर के बोर्ड से जुड़ा होता है। जब कोई सांसद अपनी सीट से खड़ा होता है और उसे बोलने की अनुमति मिलती है, तभी चैंबर में बैठा अधिकारी उस विशेष सीट का माइक ऑन करता है।

यदि कोई सांसद अपनी सीट से हटकर दूसरी जगह से बोलने की कोशिश करता है, तो उसका माइक तकनीकी रूप से काम नहीं करता है।इसके अलावा शून्य काल के दौरान एक सांसद को बोलने के लिए अक्सर तीन मिनट का समय मिलता है। जैसे ही समय की सीमा समाप्त होती है, सिस्टम अपने आप या मैन्युअल रूप से माइक को डिस्कनेक्ट कर देता है।

Tag: #nextindiatimes #Parliament #OMBIRLA

RELATED ARTICLE

close button