स्पोर्ट्स डेस्क। आज का क्रिकेट, खासकर टी20 क्रिकेट, एक मल्टी-मिलियन डॉलर इंडस्ट्री बन चुका है। दुनिया भर में अलग-अलग देशों में फ्रेंचाइजी लीग्स खेली जा रही हैं, जहां खिलाड़ी सिर्फ 2–3 महीने खेलकर करोड़ों रुपये कमा लेते हैं। हालांकि हर लीग आईपीएल जैसी अमीर नहीं होती, कुछ लीग ऐसी भी हैं जहां खिलाड़ी बहुत कम पैसों में खेलते हैं, कई बार तो घरेलू क्रिकेट से भी कम।
यह भी पढ़ें-फ्री में कब और कहां देखें WPL 2026 के मैच? नोट कर लीजिए तरीका
अबू धाबी टी10 लीग को दुनिया की सबसे छोटी और सबसे कम कमाई देने वाली प्रोफेशनल Cricket League माना जाता है। इसमें औसत खिलाड़ी की सैलरी लगभग 25,000 डॉलर, न्यूनतम वेतन सिर्फ 5,000 डॉलर और अधिकतम सैलरी 50,000 से 1,00,000 डॉलर है। यह लीग नवंबर-दिसंबर में होती है और इसमें लगभग 100 खिलाड़ी खेलते हैं। हालांकि नाम बड़े-बड़े होते हैं लेकिन पैसों के मामले में यह लीग काफी पीछे है।

BPL कभी विदेशी खिलाड़ियों के लिए काफी आकर्षक हुआ करती थी लेकिन पिछले कुछ सालों में भुगतान न मिलने और फ्रेंचाइजी विवादों ने इसे कमजोर कर दिया। इसमें लोकल खिलाड़ी की न्यूनतम सैलरी लगभग 4–5 लाख रुपये, विदेशी खिलाड़ी करीब 20,000 डॉलर और अधिकतम सैलरी 80,000 डॉलर है। आज BPL को बोर्ड खुद चला रहा है क्योंकि फ्रेंचाइजी मॉडल फेल हो चुका है।
CPL वेस्टइंडीज की सबसे बड़ी लीग है लेकिन सैलरी के मामले में यह मिड-लेवल पर आती है। इसमें औसत सैलरी 50,000 डॉलर, न्यूनतम सिर्फ 3,000 डॉलर और अधिकतम 1.6 लाख डॉलर है। अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट अभी शुरुआती दौर में है। इसमें औसत खिलाड़ी सैलरी 60,000 डॉलर, न्यूनतम 2,500 डॉलर है। कुछ विदेशी खिलाड़ियों को ज्यादा रकम भी मिलती है। PSL एक अच्छी तरह से स्थापित लीग है, लेकिन आर्थिक रूप से अभी भी सीमित है
Tag: #nextindiatimes #CricketLeague #WPL2026 #IPL2026




