एंटरटेनमेंट डेस्क। 2 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण का टीजर रिलीज किया गया। जिसे देखकर दर्शकों को 1987 की टेलीविजन सीरीज रामायण की याद आ गई। हालांकि रणबीर कपूर की रामायण को 4000 करोड़ के भारी भरकम बजट किया जा रहा है लेकिन उस वक्त रामायण सीरीज को काफी बजट में बनाया गया था।
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इतना ही नहीं उस वक्त युद्ध और अन्य एक्शन सीक्वेंस में नजर आए वीएफएक्स किसी टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि जुगाड़ से बनाए गए थे। रामानंद सागर की मशहूर 1987 की ‘रामायण’ (Ramayan) को, अपने 78 एपिसोड के पूरे रन के लिए, लगभग ₹7 करोड़ से ₹9 करोड़ के कुल बजट में बनाया गया था; इसमें हर एपिसोड पर अनुमानित प्रोडक्शन लागत ₹9 लाख थी। अपने समय का सबसे महंगा टीवी शो होने के बावजूद आज के माइथोलॉजिकल प्रोजेक्ट की तुलना में इसका बजट बहुत ही मामूली था।

वहीं युद्ध सीक्वेंस में नजर आए वीएफएक्स को किसी कम्प्यूटर या टेक्नोलॉजी से नहीं बनाया गया बल्कि तब वीएफएक्स को जुगाड़ से बनाया गया था। उस समय आधुनिक CGI और कंप्यूटर न होने के बावजूद, टीम ने अगरबत्ती के धुएं, बादलों के लिए रुई और शुरुआती ‘क्रोमा की’ तकनीक जैसे अनोखे और व्यावहारिक तरीकों का इस्तेमाल करके जबरदस्त स्पेशल इफेक्ट तैयार किए थे।
पहाड़ों और स्वर्गीय लोकों को दिखाने के लिए 10-15 फीट ऊंचे स्केल मॉडल का इस्तेमाल किया जाता था। उस समय में लॉन्च हुई एक मशीन (SEG 2000) का इस्तेमाल युद्ध के दृश्यों में दिव्य हथियारों, आग और तीरों का प्रभाव दिखाने के लिए किया जाता था। कुंभकर्ण की मृत्यु जैसे दृश्यों के लिए कृत्रिम अंग बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता था।
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