21.5 C
Lucknow
Sunday, January 11, 2026

ईडी पर कब-कब हुई है FIR, क्या इस पर कार्रवाई कर सकती है बंगाल पुलिस

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में पार्टी के आईटी सेल प्रमुख के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली से कोलकाता तक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह मामला तब और ज्यादा बढ़ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के अधिकारियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज करा दी और कोलकाता में एक विरोध मार्च को लीड किया। इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या बंगाल पुलिस सच में ED के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है या नहीं?

यह भी पढ़ें-पीएम मोदी के कितने हैं भाई-बहन, जानें परिवार में कौन-कौन क्या करता है?

कानूनी तौर पर राज्य पुलिस ईडी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैलेकिन इसकी कुछ खास शर्ते हैं। अगर किसी ईडी अधिकारी पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी या फिर आधिकारिक ड्यूटी से संबंधित अपराधिक दुराचार का आरोप है तो राज्य पुलिस या फिर सीबीआई जैसी एजेंसियां मामला दर्ज और उन्हें गिरफ्तार कर सकती हैं।

बीते कुछ सालों में ईडी की न्यायिक जांच बढ़ी है। 2025 और 2026 के बीच अदालतों ने कुछ बातें साफ की। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया की ईडी मनमानी ढंग से गिरफ्तारियां नहीं कर सकती और उन्हें ठोस सबूत भी दिखाने होंगे। मद्रास हाई कोर्ट ने 2025 में दोहराया था कि ईडी कोई सुपर कॉप नहीं है और वह तभी कार्रवाई कर सकती है जब किसी दूसरी एजेंसी ने पहले ही कोई अपराध दर्ज किया हो।

ईडी अधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 197 के तहत सुरक्षा मिली हुई है। यह प्रावधान कहता है कि आधिकारिक ड्यूटी के दौरान किए गए कृतियों के लिए किसी भी सरकारी अधिकारी पर मुकदमा चलाने से पहले केंद्र सरकार से पूर्व अनुमति की जरूरत है लेकिन यह सुरक्षा तभी लागू होती है जब वह काम सीधे आधिकारिक जिम्मेदारी से जुड़ा हो।

Tag: #nextindiatimes #ED #Bengal #MamataBanerjee

RELATED ARTICLE

close button