नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कर्तव्य भवन 1 और 2 के साथ सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया है। पिछले कुछ सालों में केंद्र सरकार ने कई खास जगहों के नाम बदले हैं। इसका उद्देश्य कॉलोनियल जमाने की विरासत को हटाना और डेमोक्रेटिक और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना है।
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संसदीय कार्यवाही नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने के बाद अब पुराने Parliament House का नाम बदलकर संविधान सदन कर दिया गया है।बता दें कि यह वही इमारत है जहां पर भारत की संविधान सभा ने 1946 से 1949 के बीच स्वतंत्र भारत के संविधान का मसौदा तैयार किया था। इसी के साथ नया बना पार्लियामेंट हाउस संसद भवन ही कहलाया जाता है। यह अब पार्लियामेंट्री कार्यवाही के लिए मुख्य जगह है।

इसी तरह राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है।यह बदलाव सितंबर 2022 में किया गया था। आपको बता दें कि कर्तव्य पथ राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैला है। इसके अलावा नए बने जनरल सेंट्रल सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग को अब ऑफीशियली कर्तव्य भवन कहा जाता है। यह नाम कर्तव्य पथ में दिखाए गए कर्तव्य की बड़ी थीम से मेल खाता है। प्रधानमंत्री आवास की तरफ जाने वाली रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रख दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साउथ ब्लॉक परिसर का नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया है। इसी के साथ राष्ट्रपति भवन के अंदर मौजूद मशहूर मुगल गार्डन का नाम भी बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया है। अलग-अलग राज्यों में राजभवन के नाम से जाने जाने वाले सरकारी घरों का नाम भी बदलकर लोग भवन कर दिया गया है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया कि राजभवन नाम औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है।
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