वाराणसी। योगी सरकार के ‘ऑपरेशन क्लीन’ ने यूपी में कोडीन युक्त कफ सिरप (फेंसिडिल) के देश के सबसे बड़े अवैध नेटवर्क (cough syrup scandal) की कमर तोड़ दी है। प्रदेश के 40 जिलों में ये नेटवर्क चल रहा था। अब तक सोनभद्र, गाजियाबाद और रांची से 3.50 लाख से ज्यादा शीशियां जब्त हो चुकी हैं।
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18 नवम्बर को इस मामले में वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने SIT का गठन किया। जांच में ये साफ हो गया है कि इन सिरप की सप्लाई बांग्लादेश तक हुई है। 27 नवम्बर को इस मामले में लखनऊ STF की टीम ने अमित सिंह टाटा को गिरफ्तार कर लिया। अमित सिंह टाटा शुभम जायसवाल का करीबी है और वो इसके काले कारोबार में शामिल भी रहा है। अमित टाटा जौनपुर के पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह का भी करीबी है।

इस मामले का बाहुबली धनंजय सिंह कनेक्शन भी सामने आया क्योंकि लखनऊ STF ने अमित सिंह टाटा के पास से जो फार्च्यूनर गाड़ी बरामद की थी उसका नम्बर 9777 था। इसी नम्बर सीरीज की गाड़ी धनंजय सिंह के पास भी है। इसके अलावा धनंजय सिंह के साथ अमित टाटा की कई तस्वीरें भी सामने आने लगी।
30 नवम्बर को इस मामले में शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद गिरफ्तार हो गए। 2 दिसम्बर को इस मामले में STF के बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की गिरफ्तारी हुई। आलोक की गिरफ्तारी भी लखनऊ में हुई। आलोक सिंह भी धनंजय सिंह का करीबी बताया जाता है। पूछताछ में आलोक ने भी इस मामले के कई राज खोले। 3 दिसम्बर को इस मामले में ईडी की एंट्री हुई। ईडी की टीम ने शुभम जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। फिलहाल शुभम ने खुद को बेगुनाह बताया है।
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