डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक टी20 वर्ल्ड कप जीत के जश्न के बीच स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गए हैं। हार्दिक की एक हरकत ने उनके खिलाफ पुणे में FIR दर्ज करा दी है। उन पर राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे (National Flag) के अपमान का गंभीर आरोप लगा है। आइए जानें कि तिरंगे के अपमान के आरोप में कितनी सख्त सजा है?
यह भी पढ़ें-क्या होती थी काला पानी की सजा, मौत की दुआ मांगते थे कैदी
भारत में राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ बनाया गया है। हार्दिक पांड्या के मामले में इसी कानून की धारा 2 का जिक्र किया जा रहा है। यह धारा स्पष्ट रूप से कहती है कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर तिरंगे का अनादर करता है, उसे जलाता है, फाड़ता है या उसे किसी ऐसे तरीके से इस्तेमाल करता है जो उसकी गरिमा के खिलाफ हो तो यह दंडनीय अपराध है।

धारा 2 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा का कड़ा प्रावधान है। यदि आरोप साबित हो जाते हैं, तो आरोपी को तीन साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही अदालत भारी जुर्माना भी लगा सकती है या जेल और जुर्माना दोनों की सजा एक साथ दी जा सकती है। भारतीय न्याय व्यवस्था में राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान एक गैर-जमानती श्रेणी जैसा गंभीर मामला माना जाता है।
नियमों के मुताबिक तिरंगे को कमर के नीचे नहीं पहना जा सकता और न ही इसे किसी पोशाक या वर्दी की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। खिलाड़ियों द्वारा जीत के बाद कंधे पर तिरंगा लपेटना एक आम बात है लेकिन उसे निजी पलों या किस जैसे कृत्य के दौरान लपेटे रखना कानूनी तौर पर अनादर की श्रेणी में लाया जा सकता है।
Tag: #nextindiatimes #NationalFlag #HardikPandya




