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Tuesday, March 24, 2026

रॉकेट, मिसाइल और इंटरसेप्टर में क्या होता है अंतर, जानिये ये कैसे करते हैं काम

डेस्क। रक्षा तकनीक या अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े शब्द- मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल, रॉकेट और इंटरसेप्ट जैसे ही हमारे सामने आते हैं तो पहली नजर में यह एक जैसे लगते हैं। लेकिन इनकी भूमिकाएं एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं। चलिए इन सभी में अंतर और इनका काम बताते हैं आपको।

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मिसाइल एक रॉकेट-चालित निर्देशित हथियार प्रणाली होती है। इसमें रडार, इंफ्रारेड या GPS आधारित नेविगेशन सिस्टम होता है। यह उड़ान के दौरान भी अपना रास्ता बदल सकती है और अत्यधिक सटीकता के साथ दुश्मनों के ठिकानों को तबाह कर सकती है। मिसाइल रडार से बचकर लक्ष्य भेदने में सक्षम होती है और इसे जमीन, हवा या समुद्र से लॉन्च किया जा सकता है।

बैलेस्टिक मिसाइल भी मिसाइल का ही एक प्रकार है। लॉन्च के बाद यह ऊंचाई में जाकर तय ट्रैजेक्टरी पर चलती है, इसके बाद यह गुरुत्वाकर्षण के सहारे लक्ष्य तक पहुंती है। इसकी गति बहुत तेज होती है। बैलेस्टिक मिसाइलें अंतरिक्ष या ऊपरी वायुमंडल से होकर गुजरती है और उच्च विस्फोटक या परमाणु पेलोड को लंबी दूरी तक ले जाने में सक्षम होती है।

Rockets अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ा हुआ है। यह एक अत्यंत शक्तिशाली वाहन है। इसका इस्तेमाल अंतरिक्ष में उपग्रहों, अंतरिक्ष यात्रियों या मिसाइलों को ले जाने के लिए उपयोग किया जाता है। रॉकेट अपने साथ ईधन और ऑक्सीडाइजर लेकर जाता है, जिसके चलते यह हवा रहित अंतरिक्ष में भी काम कर सकता है।

इंटरसेप्टर एक ऐसी तकनीक है, जिसका काम दुश्मन की मिसाइल को हवा में ही नष्ट करना होता है। यह एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल (ABM) सिस्टम का हिस्सा होता है। इंटरसेप्टर किसी खतरे, दुश्मन या प्रक्रिया को उसके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय कर देती है।

Tag: #nextindiatimes #Rockets #Missiles

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