डेस्क। अक्सर ही आपने Jail के साथ-साथ कारागार के बारे में भी सुना होगा। काफी लोगों को ऐसा लगता है कि ये दोनों एक ही होते हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह अंतर सिर्फ नाम का नहीं है, बल्कि इसमें कैदियों के प्रकार, रहने की अवधि, सुविधा और सबसे जरूरी बात सुरक्षा का स्तर भी शामिल होता है। आइए जानते हैं कि जेल और कारागार में क्या फर्क है?
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जेल में आमतौर पर विचाराधीन कैदी, यानी वे लोग जिन पर अभी दोष सिद्ध नहीं हुआ है और साथ ही छोटे-मोटे अपराधों में शामिल लोगों को रखा जाता है। कारागार में दोषी अपराधियों को रखा जाता है। इनमें हत्या, आतंकवाद या संगठित अपराध जैसे गंभीर अपराध शामिल है। कारागार ज्यादा समय तक रहने के लिए होते हैं। कारागार में शैक्षिक कार्यक्रम, व्यावसायिक प्रशिक्षण, पुस्तकालय और पुनर्वास जैसी सुविधा बेहतर ढंग से उपलब्ध होती है।

जेल का प्रबंधन आमतौर पर स्थानीय या फिर जिला अधिकारियों द्वारा किया जाता है। इससे उनका पैमाना और दायरा छोटा होता है। कारागार का प्रशासन राज्य या फिर केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है। यह उनके बड़े आकार, ज्यादा क्षमता और ज्यादा जटिल संचालन को दर्शाता है।
कारागार खास तौर से जेल की तुलना में काफी ज्यादा सुरक्षित होते हैं। यह सुविधा उच्च जोखिम वाले अपराधियों को रखने के लिए बनाई जाती है। इस वजह से यहां कड़ी निगरानी और सुरक्षा के कई परतें शामिल होती हैं। ज्यादा सुरक्षा वाले कारागार में सबसे खतरनाक कैदियों को रखा जाता है। इसी के साथ मध्य सुरक्षा वाले कारागार में कम हिंसक अपराधियों को रखा जाता है। सबसे कम सुरक्षा वाले या फिर खुली जेल उन कैदियों के लिए बनाई जाती हैं जिनका व्यवहार अच्छा होता है।
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