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Monday, February 2, 2026

बजट पेश होने के बाद क्या होती है आगे की प्रक्रिया, समझें पूरा प्रोसेस

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय Budget 2026-27 पेश किया। इसमें अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹53.5 लाख करोड़ की खर्च योजना बताई गई। आइए जानते हैं कि बजट पेश होने के बाद आगे की संसद प्रक्रिया क्या होती है।

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जब वित्त मंत्री लोकसभा में बजट पेश करते हैं और संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत वार्षिक वित्तीय विवरण सदन के पटल पर रखते हैं। इस दिन कोई चर्चा या फिर वोटिंग नहीं होती। यह भाषण संसद और जनता को सरकार की वित्तीय योजनाओं, टैक्स प्रस्ताव और नीतिगत प्राथमिकताओं के बारे में सूचित करने के लिए होता है।

बजट पेश करने के कुछ दिनों बाद संसद बजट पर आम चर्चा करती है। यह बहस लोकसभा और राज्यसभा दोनों में होती है। संसद सदस्य इकोनामिक विजन, सरकार की प्राथमिकता और क्षेत्रीय आवंटन पर चर्चा करते हैं। आम चर्चा के बाद संसद को लगभग तीन से चार हफ्तों के लिए स्थगित कर दिया जाता है। इस दौरान 24 विभागीय स्थायी समिति अलग-अलग मंत्रालयों की अनुदान मांगों का विस्तार से विश्लेषण करती हैं।

समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट जमा करने के बाद लोकसभा मंत्रालय-वार अनुदान मांगों पर चर्चा फिर से शुरू करती है। इसमें खर्च पर वास्तविक वोटिंग शामिल होती है। इन मांगों को मंजूरी देने या फिर अस्वीकार करने का अधिकार सिर्फ लोकसभा के पास है। इस पूरी प्रक्रिया को गिलोटिन के नाम से जाना जाता है। आखरी कदम फाइनेंस बिल का पास होना है। एक बार जब यह बिल संसद में पास हो जाता है और भारत के राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाती है तो बजट प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर पूरी हो जाती है और प्रस्ताव कानून बन जाते हैं।

Tag: #nextindiatimes #Budget2026 #NirmalaSitharaman

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