डेस्क। अप्रैल 2026 में बिन मौसम बारिश से किसानों की फसलों चौपट हो गई हैं। लगातार बारिश, ओले पड़ने और ठंडी हवाओं की वजह से गर्मी की जगह लोगों को ठंडी का एहसास हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इन अचानक हुए बदलावों का कारण एक बार-बार होने वाली मौसमी घटना को Western Disturbance बताया है। आइए जानते हैं क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस?
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वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक मौसमी सिस्टम है, जिसकी शुरुआत मध्य भूमध्य सागर से होती है। सामान्य तौर पर दिसंबर से फरवरी तक ज्यादा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। लेकिन अब मार्च-अप्रैल में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ज्यादा बार आने लगा है। इस साल मार्च-अप्रैल में लगातार दो-दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय रहे, जिसकी वजह से अप्रैल में फरवरी जैसी ठंड और बारिश की वजह हैं। इसकी वजह से सिर्फ वेस्टर्न डिस्टर्बेंस नहीं हैं।इसमें अरब सागर की नम हवाएं भी सबसे बड़ी वजह हैं।

भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि अरब सागर से बहुत ज्यादा नमी इन सिस्टम में मिल रही है। राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। अरब सागर की गर्म और नम हवाओं को खींच रहा है। जब इस नमी से ठंडी हवा वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की टक्कर होती है, तो बादलों का निर्माण होता है। गरज-चमक होती है और ओले गिरते हैं। इसके कारण तापमान तेजी से नीचे आता है।
शोध और मौसम विभाग दोनों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अब सर्दियों से आगे बढ़कर वसंत ऋतु (मार्च-अप्रैल) में भी अधिक सक्रिय हो रहे हैं। बिना मौसम बारिश, ओले पड़ रहे और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव आ रहे हैं। इस समय पूरे उत्तर भारत में ठंड, बारिश और नमी हैं। अप्रैल में फरवरी की तरह मौसम सामान्य घटना नहीं है।
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