डेस्क। हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में एक ऐसा वीडियो सामने आया, जिसने न सिर्फ सियासी हलकों में बल्कि आम लोगों के बीच भी तीखी बहस छेड़ दी। वीडियो में साफ दिखता है कि मुख्यमंत्री ने हिजाब को लेकर सवाल किया और फिर महिला की बात पूरी होने से पहले ही उसका हिजाब अपने हाथों से नीचे खींच दिया। अगर यह काम किसी दूसरे देश में होता, तो उसका अंजाम क्या होता है?
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ईरान उन देशों में शामिल है, जहां महिलाओं के लिए Hijab पहनना कानूनन जरूरी है। हाल ही में वहां एक नया कानून लागू किया गया है, जिसका नाम पवित्रता और हिजाब की संस्कृति को बढ़ावा देकर परिवार की रक्षा करने संबंधी कानून है। इस कानून के तहत हिजाब न पहनने या गलत तरीके से पहनने पर महिलाओं को बहुत मुश्किल सजा दी जा सकती है।

अगर कोई महिला हिजाब नहीं पहनती या नियमों के मुताबिक नहीं पहनती है, तो उसे 5 से 15 साल तक की जेल हो सकती है। कुछ मामलों में सजा के तौर पर सार्वजनिक रूप से कोड़े मारने का भी प्रावधान है, जो शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बेहद अमानवीय माना जाता है। इस कानून में भारी आर्थिक जुर्माने का भी प्रावधान है। अगर कोई महिला बार-बार नियम तोड़ती है, तो जुर्माने की राशि और बढ़ जाती है।
कुछ बेहद गंभीर मामलों में अगर हिजाब का विरोध सरकार विरोधी गतिविधि, विदेशी ताकतों से मिलीभगत या धरती पर भ्रष्टाचार फैलाने के रूप में देखा जाता है, तो मृत्युदंड तक की सजा भी दी जा सकती है। इसके अलावा महिलाओं पर यात्रा प्रतिबंध, नौकरी से निकाले जाने, शिक्षा और रोजगार के अवसर छीनने जैसे दंड भी लगाए जा सकते हैं।
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