कानपुर। औद्योगिक क्षेत्र रनियां के रघुनाथपुर के पास बिना फायर एनओसी के संचालित फोम की गद्दा फैक्टरी (mattress factory) में शनिवार सुबह छह बजे एलपीजी यूनिट (LPG unit) में गैस रिसाव से आग लग गई। गोदाम (mattress factory) में काम कर रहे 11 मजदूरों में से 10 अंदर ही फंस गए। किसी तरह सात को बाहर निकाला गया।
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शाम करीब चार बजे फैक्टरी (mattress factory) से तीन जले हुए शव मिले। इनकी पहचान नहीं हो सकी है। वहीं तीन घायलों की उपचार के दौरान मौत हो गई। चार मजदूरों को अस्पताल (hospital) में भर्ती कराया गया है। दरअसल इंवेस्टर्स समिट में एमओयू के बाद करीब डेढ़ साल पहले मानकों को दरकिनार कर फैक्टरी में उत्पादन शुरू कर दिया गया। फैक्टरी (mattress factory) के निर्माण के दौरान प्रोविजनल (अस्थायी) प्रमाण पत्र तक नहीं लिया गया।

परिसर (mattress factory) में आग से बचाव के जरूरी इंतजाम तक नहीं किए गए। दिखावे के लिए हाइड्रेंट लाइन और ट्रैंक बनाया गया है। टैंक से पानी उठाने के लिए एक भी पंपिंग सेट नहीं लगाया गया। पुलिस और प्रशासन (administration) का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि सिलिंडर (cylinders) भी रखे थे वो जोर के धमाके के साथ फटने लगे। धुआं, लपटें और धमाकों के चलते कोई पास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। लोगों में दहशत का माहौल हो गया। घटना की जानकारी पर एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एएसपी राजेश कुमार पांडेय, एसडीएम अकबरपुर अवनीश कुमार सिंह, सीओ तनु उपाध्याय पुलिस बल के साथ पहुंची। पुलिस ने माती, सिकंदरा, रूरा और कानपुर (Kanpur) से आठ से अधिक दमकल गाडियां बुलाई गई। सवा पांच घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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