डेस्क। भारत को gold का सबसे बड़ा उपभोक्ता कहा जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह कीमती धातु देश के भीतर कहां से निकलती है? ज्यादातर लोग सोचते हैं कि भारत सिर्फ सोना आयात करता है, जबकि सच्चाई यह है कि देश की धरती के नीचे भी सोने का बड़ा खजाना छिपा है।
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भारत में अगर सक्रिय रूप से सोने के उत्पादन की बात करें तो कर्नाटक इस मामले में सबसे आगे है। देश में जो भी प्राथमिक यानी खदानों से निकला हुआ सोना आता है, उसका लगभग 99 प्रतिशत कर्नाटक से ही निकलता है। रायचूर जिले की हुट्टी गोल्ड माइन्स देश की सबसे पुरानी और सक्रिय सोने की खदानों में से एक है। लंबे समय तक कोलार गोल्ड फील्ड्स भी कर्नाटक की पहचान रही, हालांकि वहां उत्पादन अब बंद हो चुका है।

हालांकि उत्पादन में कर्नाटक आगे है लेकिन अगर जमीन के नीचे मौजूद सोने के भंडार की बात करें, तो बिहार का नाम सबसे ऊपर आता है। बिहार के जमुई जिले में हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर सोने के भंडार मिलने की पुष्टि हुई है। सरकारी आंकलन के मुताबिक यहां हजारों टन चट्टानों में सोना मौजूद है। अभी यह इलाका विकास और तकनीकी तैयारियों के चरण में है, इसलिए यहां बड़े स्तर पर खनन शुरू नहीं हुआ है।
भारत में सोना ज्यादातर कठोर चट्टानों में पाया जाता है। भारत में ज्यादातर सोने की खदानें भूमिगत होती हैं। यानी जमीन के नीचे सुरंगें बनाकर खनन किया जाता है। भारी मशीनों और विस्फोट नियंत्रित तकनीक से चट्टानों को तोड़ा जाता है। इसके बाद सोने वाले पत्थर यानी अयस्क को सतह पर लाया जाता है। यह काम बेहद सावधानी और सुरक्षा के साथ किया जाता है।
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