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Sunday, March 8, 2026

इस फिल्ममेकर की देन है किंग कॉन्ग, ऐसे हुई थी इसकी सिनेमा में एंट्री

एंटरटेनमेंट डेस्क। सिनेमा जगत में एनिमेटेड फिल्मों और कैरेक्टर की लोकप्रियता काफी देखने को मिलती है। खासतौर पर इस मामले में हॉलीवुड सिनेमा का अहम योगदान देखने को मिला है। जुरासिक पार्क और King Kong फिल्में इसका मजबूत उदाहरण हैं।

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हॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर सी कूपर को सिनेमा जगत में किंग कॉन्ग का जनक कहा जाता है। उनके ही नेतृत्व में 2 मार्च 1933 को ‘किंग कॉन्ग’ का वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था। स्टॉप मोशन तकनीक की मदद से 18 इंच के मॉडल को बडे़ पर्दे पर 50 फीट ऊंचे दैत्य के रूप में पेश किया गया। ये पहला मौका था जब सिनेमा जगत की किसी भी फीचर फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाला पहला किरदार एनिमेटेड था।

दरअशल सी कूपर को किंग कॉन्ग बनाने का आइडिया तब आया, जब वह अफ्रीका में प्राकृतिक आपदाओं और जंगली जानवरों पर खास रिसर्च कर रहे थे। उनके दिमाग में ये विचार था कि वह बड़े पर्दे पर एक असली गोरिल्ला और असली कोमोडो ड्रैगन के बीच लड़ाई पेश कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करें। इसी फाइट सीक्वेंस को दिखाने की जिद ने उन्हें एनीमेशन की तरफ आगे बढ़ाया।

विलिस ओ’ ब्रायन के साथ मिलकर कूपर ने अपनी कल्पना को पर्दे पर उतारा और किंग कॉन्ग मॉन्स्टर का किरदार तैयार किया। मालूम हो कि इसके लिए केवल 18 इंच का छोटा मॉडल बनाया गया था। यह मॉडल अंदर से लोहे के ढांचे पर बना था। साउंड इंजीनियर मरे स्पिवैक ने किंग कॉन्ग की दहशतगर्द आवाज को तैयार किया था। इसके लिए उन्होंने लेइमोटिफ ‘ तकनीक का पहली बार उपयोग किया था। उस समय कूपर ने अपनी जेब से 50,000 डॉलर खर्च कर संगीतकार स्पिवैक को हायर किया था।

Tag: #nextindiatimes #Hollywood #Entertainment

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