डेस्क। सिडनी और ऑस्ट्रेलिया के बॉडी बीच पर हनुक्का उत्सव के जश्न के दौरान आतंकियों ने हमला कर दिया। इस मास शूटिंग में 10 लोगों की हत्या कर दी गई। यहूदियों के Hanukkah त्यौहार को रोशनी का त्यौहार भी कहा जाता है। यह त्यौहार दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में सेल्यूसिड साम्राज्य पर यहूदी मैकाबीज की जीत और यरुशलेम में दूसरे मंदिर के पुनर्निर्माण का प्रतीक है।
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हनुक्का यहूदी धर्म के लोगों का रोशनी का पर्व है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, अत्याचार पर आस्था और निराशा पर उम्मीद की जीत का प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। हनुक्का का पर्व अक्सर सर्दियों की छुट्टियों के दौरान मनाया जाता है। यह पर्व यहूदी इतिहास के चमत्कारों में से एक की याद दिलाता है। इसमें मोमबत्ती जलाते हैं, ड्रेइडेल खेलते हैं, पारंपरिक व्यंजन खाते हैं और उपहार देते हैं।

करीब 2000 साल पहले जब यहूदी क्षेत्र पर यूनानी शासकों का शासन था उस समय यूनानी सत्ता ने यहूदियों की धार्मिक परंपराओं पर प्रतिबंध लगाया था। हालत तब ओर गंभीर हुई जब यूनानी राजा एंटिओकस चतुर्थ ने यरूशलम स्थित यहूदी पवित्र स्थल में अपनी मूर्ति स्थापित कर यहूदियों को यूनानी देवताओं की पूजा के लिए मजबूर किया। इससे यहूदी समुदाय ने साफ मना कर दिया और यहूदियों के एक छोटे से समूह ने विद्रोह किया। इन्हें मक्कबी कहा जाता है। मक्कबी की जीत हुई लेकिन यहूदीयों के पवित्र स्थल नष्ट हो गए।
इसके बाद युद्ध में जीत होने पर मक्कबी ने पवित्र स्थलों की साफ-सफाई कर मरम्मत कराई और तेल का दीपक जलाया। यह दीपक 8 दिनों तक जलता रहा। यहूदियों ने इस घटना को चमत्कारी माना। इसी वजह से यहूदी आठ दिनों का हनुक्का का पर्व मनाते हैं।
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