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Sunday, March 29, 2026

कानपुर की गलियों से शुरू हुआ था JK Group, विजयपत सिंघानिया ने ऐसे दिलाई थी दुनिया में पहचान

कानपुर। रेमंड ग्रुप (Raymond Group) के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया (Vijaypat Singhania Died) का 87 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। आपको बता दें कि उनके परिवार ने दो बड़े बिजनेस ग्रुप बनाए हैं, जिनमें रेमंड ग्रुप और जेके ग्रुप, जिसे ऑफिशिली जेके ऑर्गेनाइजेशन कहा जाता है।

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रेमंड ग्रुप की शुरुआत एक विदेशी शख्स Albert Raymond ने 1925 में की थी। मगर 1944 में सिंघानिया परिवार ने इसे खरीद लिया था। जेके ऑर्गेनाइजेशन की शुरुआत 1918 में हुई थी। बाद में सिंघानिया परिवार ने कारोबार बांट लिया था, जो रेमंड ग्रुप और जेके ऑर्गेनाइजेशन के तौर पर अलग हुआ। रेमंड ग्रुप की कमान विजयपत सिंघानिया के पास आई थी, जिन्होंने इसे 1980 से 2000 तक संभाला और फिर अपने बेटे गौतम को इसकी कमान सौंप दी थी।

सिंघानिया परिवार में बिजनेस की शुरुआत विजयपत के दादा लाला कमलापत सिंघानिया और उनके पिता यानी विजयपत के परदादा लाला जुग्गीलाल सिंघानिया ने मिलकर की थी। बिजनेस ग्रुप की शुरुआत काफी सिम्पल थी। सबसे पहले कानपुर में एक कॉटन मिल शुरू की गयी, जिससे कारोबार शुरू हुआ।

‘JK’ नाम, कमलापत और उनके पिता सेठ जुग्गीलाल के नाम के शुरुआती अक्षरों से लिया गया है। बता दें कि 1950 के दशक से लेकर 1980 के दशक के दौरान, JK Group बिड़ला और टाटा के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा बिजनेस ग्रुप बन गया था। कमलापत सिंघानिया ने अपने पिता के बिजनेस को पारंपरिक साहूकारी कामों से आगे बढ़ाकर कपास, दालों और गन्ने जैसे क्षेत्रों तक बढ़ाने में मदद की। आज, JK ग्रुप का कारोबार भारत के बाहर कई देशों में फैला हुआ है, जिसमें कई तरह के बिजनेस, प्रोडक्ट्स और अलग-अलग जगहों पर ऑपरेशन्स शामिल हैं।

Tag: #nextindiatimes #VijaypatSinghania #RaymondGroup #JKGroup

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