एंटरटेनमेंट डेस्क। एक दौर था जब बड़े घरानों की बेटियां कैमरे पर काम करना तो दूर उसका जिक्र भी नहीं कर सकती थीं। इसी बीच एक ऐसी actress आई, जिसने नाम सिर्फ अपना नाम बनाया बल्कि उन पीढ़ियों को स्थापित कर दिया, जो आज भी सिनेमा की शान बनी हुई हैं।
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जिनकी कहानी को आपसे रूबरू करा रहे हैं, असल में वो कोई और नहीं बल्कि शोभना समर्थ थीं। वही शोभना समर्थ जिन्होंने हिंदी सिनेमा में सीता बनकर अपना नाम बनाया। शोभना समर्थ का जन्म 17 नवंबर, 1916 को मुंबई में हुआ। जब उनका जन्म हुआ, तब उनका नाम सरोज शिलोत्री था। शोभना यानि सरोज जब बड़ी हुई तो कुछ प्रिंट विज्ञापनों में उनकी तस्वीर छपी। इस तरह धीरे-धीरे वह ग्लैमर वर्ल्ड की तरफ आने लगी।

शोभना समर्थ ने 1935 में मराठी फिल्म ‘निगाहें नफरत’ से डेब्यू किया। शोभना समर्थ ने मराठी सिनेमा से कदम रख लिया। हालांकि उन्हें असली पहचान मिली 1943 में, जब उन्होंने फिल्म ‘राम राज्य’ में सीता का किरदार निभाया और हर तरफ वाहवाही लूटी।
‘राम राज्य’ में उनके द्वारा निभाया गया माता सीता का किरदार इतना प्रभावशाली था कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी देवी की तरह पूजने लगे थे। यहां तक कि कहा तो यह भी जाता है कि, यह एकमात्र ऐसी फिल्म थी जिसे महात्मा गांधी ने देखा था। उन्होंने अपनी बेटी नूतन को लॉन्च करने के लिए साल 1950 में ‘हमारी बेटी’ नाम की फिल्म बनाई। इसी फिल्म से नूतन ने हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया। नूतन जो फिल्मों से कमाती थीं उसका पैसा प्रोडक्शन कंपनी में जाता था। वहीं पैसों की लिखा-पढ़ी शोभना के पास ही होती थी, ऐसे में मां-बेटी के बीच इसी के चलते तल्खियां पैदा हुईं।
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