स्पोर्ट्स डेस्क। टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के एक मैच में पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक ने तीन विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई, लेकिन चर्चा उनके प्रदर्शन से ज्यादा उनके गेंदबाजी एक्शन पर होने लगी। कई लोगों ने उनके गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठाए और चकिंग का आरोप लगाया। आखिर क्रिकेट में गेंद किस एंगल से फेंकी जानी चाहिए और कब बॉलिंग को चकिंग माना जाता है, आइए जान लेते हैं।
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क्रिकेट में गेंदबाजी और थ्रो करने में साफ फर्क होता है। जब गेंदबाज गेंद रिलीज करते समय अपनी कोहनी को ज्यादा सीधा करता है या झटका देता है, तो इसे ‘थ्रोइंग’ कहा जाता है। आम भाषा में इसे चकिंग या भट्टा गेंदबाजी भी कहा जाता है। ICC के नियमों के मुताबिक, गेंद फेंकते समय कोहनी का विस्तार 15 डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यानी गेंदबाज अपनी कोहनी को थोड़ा बहुत मोड़ सकता है, क्योंकि यह प्राकृतिक हरकत है, लेकिन 15 डिग्री से अधिक सीधा करना अवैध माना जाएगा।

15 डिग्री नियम क्या है?
ICC ने बायोमैकेनिकल स्टडी के बाद यह सीमा तय की है। शोध में पाया गया कि हर गेंदबाज की कोहनी स्वाभाविक रूप से कुछ डिग्री तक मुड़ती और सीधी होती है। इसलिए 15 डिग्री तक की छूट दी गई है। अगर इससे ज्यादा विस्तार पाया जाता है, तो गेंदबाज का एक्शन संदिग्ध माना जाता है।
मैदान पर अगर अंपायर को शक होता है, तो वे गेंदबाज को रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके बाद बायोमैकेनिकल टेस्ट होता है। अगर टेस्ट में एक्शन नियमों के खिलाफ पाया गया, तो खिलाड़ी पर तब तक प्रतिबंध लगाया जा सकता है जब तक वह अपना एक्शन सुधार न ले।
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