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Wednesday, April 2, 2025

शिवसेना ने अपनाई ‘काम करो या छोड़ो’ की नीति, शिंदे अपने मंत्रियों से लेंगे शपथपत्र

मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में कैबिनेट विस्तार होने के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक्शन मोड में आ गए हैं। शिंदे (Eknath Shinde) ने अब शिवसेना मंत्रियों पर सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। डिप्टी सीएम इसके चलते जल्द ही अपने मंत्रियों से एक शपथपत्र (affidavits) भी लेंगे। शिंदे अपने मंत्रियों से शपथपत्र (affidavits) लेंगे कि वो ढाई साल बाद पार्टी छोड़ने को तैयार हैं ताकि अन्य दावेदारों के लिए जगह बनाई जा सके।

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रिपोर्ट के अनुसार मंत्री शंभुराज देसाई ने कहा कि शपथपत्र (affidavits) इसलिए लिए जा रहे हैं ताकि शिंदे (Eknath Shinde) चाहें तो आधिकारिक तौर पर उन्हें छोड़ सकें। शिंदे ने घोषणा की कि शिवसेना ने ‘काम करो या छोड़ो’ की नीति अपनाई है और जो काम करेगा, वह बना रहेगा। शिंदे के एक करीबी सहयोगी के अनुसार, शिंदे को शिवसेना विधायकों की वफादारी पर यकीन नहीं है। शिंदे सत्ता को समान रूप से वितरित कर अपने विधायकों को साथ रखना चाहते हैं।

इस पर कांग्रेस (Congress) नेता विजय वडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) ने कहा, ”ढाई साल क्यों? मंत्रिमंडल में 15 चेहरे हैं जिनपर दाग लगे हैं। भ्रष्टाचार और प्रताड़ना के आरोप लगे हैं। आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। गुंडों और गुनाहगारों को साथ लेकर काम करते हैं। ऐसे भी मंत्री वहां पर हैं। इतना बड़ा बहुमत मिला है कि एक साल के लिए ही रखें।”

उधर भाजपा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कहने पर हटाए गए शिवसेना (Shiv Sena) के तीन विधायक दीपक केसरकर, अब्दुल सत्तार और तानाजी सावंत बहुत नाखुश बताए जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि संजय राठौड़, शिवसेना के एक और मंत्री, जिनके खिलाफ कई शिकायतें थीं, उनको इन शिकायतों के बावजूद बरकरार रखा गया है। सूत्रों ने संकेत दिया कि ऐसा देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के साथ उनकी दोस्ती के कारण हुआ है।

Tag: #nextindiatimes #Maharashtra #affidavits #EknathShinde

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