महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर (Badlapur) में दो किंडरगार्टन बच्चियों के साथ कथित यौन शोषण (sexual abuse) को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। इसके एक दिन बाद बुधवार को इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं और आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में 72 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। महाविकास अघाड़ी (MVA) ने बदलापुर कांड के विरोध में 24 अगस्त को महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है।
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एमवीए (MVA) के नेताओं ने कहा है कि एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) सरकार बदलापुर (Badlapur) घटना में अपनी कार्रवाई में देरी कर रही है और इस मामले पर सरकार की प्रतिक्रिया दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही महाविकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं ने साफ कहा कि विपक्षी दल इस मामले में कोई राजनीति नहीं कर रहा है। बुधवार को महाविकास अघाड़ी (MVA) के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में बैठक संपन्न हुई।

इस बैठक में महाराष्ट्र (Maharashtra) में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई। पिछले 10 सालों में महिला असुरक्षा के बढ़ते मुद्दे और बदलापुर (Badlapur) मामले पर सरकार के रुख को असंवेदनशील बताते हुए शिवसेना ठाकरे समूह, कांग्रेस (Congress) और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (NCP) ने महाराष्ट्र बंद (Maharashtra Bandh) का ऐलान किया है।
एक प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई है कि स्कूल और अन्य प्रशासन बदलापुर (Badlapur) घटना में देरी कर रहे हैं। साथ ही सरकार की ओर से कार्रवाई करने में भी देरी हुई। बदलापुर (Badlapur) आंदोलन पर सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया भी दुर्भाग्यपूर्ण है। नाना पटोले और जयंत पाटिल ने यह दावा करते हुए कहा कि सरकार (government) को इस मुद्दे को संवेदनशीलता से संभालना चाहिए।
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