नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मौद्रिक समीक्षा बैठक के बाद रेपो रेट को लेकर ऐलान किया। RBI ने लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ब्याज दरों को एक बार फिर से स्थिर रखा है। भले ही लोगों को ब्याज दरों में कटौती का लाभ नहीं मिला हो, लेकिन यूपीआई ट्रांजैक्शन (UPI transactions) को लेकर बड़ा बदलाव किया है।
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RBI ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पेमेंट की लेनदेन सीमा को बढ़ा दिया है। यूपीआई ट्रांजैक्शन लिमिट को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। देश में यूपीआई ट्रांजैक्शन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हर महीने यूपीआई ट्रांजैक्शन (transactions) की संख्या बढ़ती जा रही है। जिसे देखते हुए आरबीआई ने एक बड़ी राहत दी है। रिजर्व बैंक ने यूपीआई से ट्रांजैक्शन की लिमिट 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
आरबीआई गवर्नर (RBI Governor) शक्तिकांत दास ने कहा कि हॉस्पिटल (hospitals) और शिक्षा संस्थानों में यूपीआई ट्रांजैक्शन की सीमा अब 1 लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की जा रही है। आरबीआई ने UPI ऑटो पेमेंट की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। आरबीआई के इस फैसले का लाभ केवल हॉस्पिटल और शिक्षा संस्थानों को मिलेगा। इन जगहों पर आप यूपीआई के जरिए 5 लाख रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा।
ऐसा करने से यूपीआई (UPI) के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। लोग अस्पतालों और स्कूल-कॉलेजों की फीस आसानी से यूपीआई के जरिए भर सकेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट को लेकर कोई बदलाव नहीं किया है। रिजर्व बैंक ने रेपो रेट (repo rate) को 6.5 फीसदी पर स्थिर रखा है। आरबीआई के इस फैसले से सस्ते कर्ज को लेकर लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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