अयोध्या। देश भर में आज राम नवमी (Ram Navami 2024) की धूम है। रामनगरी में यह रामनवमी (Ram Navami) विशेष है, क्योंकि रामलला (Ram Lalla Surya Tilak) का जन्मोत्सव नए मंदिर में मनाया जा रहा है। आज दोपहर में जैसे ही घड़ी में 12 बजकर 01 मिनट हुए सूर्य की किरणें सीधा राम (Ramlala) के चेहरे पर पहुंच गईं।
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रामलला (Ramlala) का सूर्य अभिषेक (Surya Tilak) दोपहर 12 बजकर 01 मिनट पर हुआ। सूर्य की किरणें रामलला (Ramlala) के चेहरे पर पड़ी। करीब 75 मिमी का टीका राम के चेहरे पर बना। दुनिया भक्ति और विज्ञान के अद्भुत संगम को भक्तिभाव से निहारती रही। यह धर्म और विज्ञान का भी चमत्कारिक मेल रहा। इस सूर्य तिलक (Surya Tilak) के लिए वैज्ञानिकों ने कई महीने से तैयारी की। इसके लिए कई ट्रायल किए गए। 12 बजकर एक मिनट से 12 बजकर 6 मिनट तक सूर्य अभिषेक होता रहा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने एक्स पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “श्री राम नवमी की पावन बेला में आज, श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्री रामलला (Ramlala) सरकार का दिव्य अभिषेक किया गया।” अयोध्या (Ayodhya) में मंगलवार से दर्शन के लिए पहुंचने वाली भीड को नियंत्रित करने के लिए सभी तरह के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अब केवल पैदल ही राम मंदिर (Ramlala) के मुख्य गेट तक पहुंचा जा सकता है। मंदिर ट्रस्ट व प्रशासन का आकलन है कि इस साल 40 लाख से ज्यादा लोग रामनवमी मेले में पहुंच सकते हैं।

दोपहर 12 बजे से राम (Ramlala) का जन्मोत्सव मनाया गया। केदार, गजकेसरी, पारिजात, अमला, शुभ, वाशि, सरल, काहल और रवियोग बने। आचार्य राकेश तिवारी ने बताया कि वाल्मीकि रामायण में लिखा है कि रामजन्म (Ramlala) के समय सूर्य और शुक्र अपनी उच्च राशि में थे। चंद्रमा खुद की राशि में मौजूद थे। इस साल भी ऐसा ही हो रहा है। आचार्य राकेश के अनुसार, ये शुभ योग अयोध्या सहित पूरे भारत की तरक्की के मार्ग प्रशस्त करेंगे।
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