डेस्क। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है, जिसका सीधा असर भारत में रसोई गैस की आपूर्ति पर पड़ रहा है। इस संकट के बीच एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी और पीएनजी में से कौन सी गैस ज्यादा सुरक्षित है?
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सुरक्षा के लिहाज से देखें तो एलपीजी में आग लगने और विस्फोट होने का खतरा पीएनजी की तुलना में कहीं ज्यादा होता है। इसका बड़ा कारण LPG का भारी होना है। यदि रसोई में एलपीजी का रिसाव होता है, तो वह हवा में ऊपर उठने के बजाय जमीन की सतह पर बैठ जाती है।फर्श पर जमा होने के कारण यह गैस जल्दी बाहर नहीं निकल पाती है और किसी भी चिंगारी के संपर्क में आते ही भयानक विस्फोट का रूप ले लेती है। यही वजह है एलपीजी सिलेंडर के फटने की खबरें अक्सर आती रहती हैं।

पीएनजी को एलपीजी के मुकाबले सुरक्षित माना जाता है क्योंकि यह हवा से हल्की होती है। रिसाव होने की स्थिति में पीएनजी फर्श पर जमा होने के बजाय तेजी से ऊपर की ओर उठती है और खिड़की या रोशनदान के जरिए बाहर निकलकर हवा में घुल जाती है।इससे घर के भीतर गैस का दबाव नहीं बन पाता और आग लगने की संभावना काफी कम हो जाती है।
एलपीजी सिलेंडर में गैस का दबाव बहुत अधिक होता है और इसके रेगुलेटर या पाइप में खराबी आने पर रिसाव रोकना मुश्किल हो सकता है। दूसरी ओर पीएनजी का सप्लाई सिस्टम आधुनिक वाल्व और ऑटोमैटिक शट-ऑफ सिस्टम से लैस होता है। यदि पाइपलाइन में कहीं भी लीकेज का पता चलता है, तो कंट्रोल रूम से सप्लाई को तुरंत रोका जा सकता है।
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