नई दिल्ली। RBI ने Gold Loan को लेकर निर्देश जारी किया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) को निर्देश दिया है कि वह आयकर नियमों के तहत ही कार्य करें। आयकर कानून के अनुसार गोल्ड के बदले 20,000 रुपये तक का ही कैश दिया जा सकता है।
यह भी पढ़ें-2000 के नोट को लेकर बड़ा अपडेट, 1 अप्रैल को RBI नहीं करेगा एक्सचेंज
रिजर्व बैंक (RBI) ने इस सप्ताह की शुरुआत में सोने के बदले कर्ज (Gold Loan) देने वाले वित्त प्रदाताओं (फाइनेंसर) और सूक्ष्म-वित्त संस्थानों को दी गई एक सलाह में उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 269एसएस का पालन करने के लिए कहा है। आयकर अधिनियम की धारा 269एसएस (Income Tax) में प्रावधान है कि कोई व्यक्ति भुगतान के निर्दिष्ट तरीकों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा की गई जमा या ऋण स्वीकार नहीं कर सकता है।
इस धारा में नकदी की स्वीकृत सीमा 20,000 रुपये है। इस परामर्श के कुछ सप्ताह पहले केंद्रीय बैंक (central bank) ने आईआईएफएल फाइनेंस के निरीक्षण के दौरान कुछ चिंताएं नजर आने के बाद उसे स्वर्ण ऋण (Gold Loan) स्वीकृत करने या वितरित करने से रोक दिया था। रिजर्व बैंक (RBI) की इस सलाह पर टिप्पणी करते हुए मणप्पुरम फाइनेंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वी पी नंदकुमार ने कहा कि इसमें नकद ऋण देने के लिए 20,000 रुपये की सीमा दोहराई गई है।

इंडेल मनी के सीईओ उमेश मोहनन ने कहा कि इस निर्देश से ट्रांसपेरेंसी और बेहतर अनुपालन लाने में मदद मिलेगी लेकिन ग्रामीण इलाकों में कई लोगों के औपचारिक बैंकिंग सिस्टम का हिस्सा न होने से प्रभाव पड़ सकता है। मोहनन ने कहा कि यह निर्देश अनजाने में हाशिए पर मौजूद तबकों को इमरजेंसी में भी गोल्ड लोन (Gold Loan) तक पहुंच से बाधित कर सकता है जिससे वित्तीय पहुंच सीमित हो सकती है।
Tag: #nextindiatimes #RBI #GoldLoan