लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की 10 लोकसभा सीटों पर तेजी से मतदान (Voting) चल रहा है। वहीं इन वोटिंग वाले जिलों में कई गांव या मोहल्ले ऐसे हैं जहां चुनाव का बहिष्कार (boycott) किया जा रहा है। प्रशासन इन लोगों को समझाने में जुटा हुआ है। बदायूं (Badaun) संसदीय क्षेत्र के सहसवान विधानसभा क्षेत्र में बसंतपुर गांव एक ऐसा है, जहां सुबह 10:00 बजे तक एक भी मत नहीं पड़ा।
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बदायूं (Badaun) जिले की बिसौली विधानसभा के धोरणपुर गांव में सड़क न बनने के विरोध में ग्रामीणों (Villagers) ने चुनाव का बहिष्कार (boycott) कर दिया है। मुंसिया नगला गांव में बिजली समस्या को लेकर ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं। बिसौली विधानसभा के कई अन्य गांवों में भी चुनाव का बहिष्कार हुआ है। सुकटिया और हरनाम नगला गांव के लोगों ने भी सड़क न बनने से नाराज होकर चुनाव का बहिष्कार (boycott) किया है। जिला अलीगढ़-छर्रा विधानसभा के रामपुर गांव में मतदान का बहिष्कार हुआ है। ग्रामीणों (Villagers) का आरोप है कि क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है।

फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज क्षेत्र के गांव नगला बुधुआ में ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार (boycott) का ऐलान किया है। गांव की समस्याओं को लेकर ग्रामीण एकजुट हो गये हैं, जिसके कारण बूथ खाली रह गया। किसी भी ग्रामीण (Villagers) ने वोट नहीं डाला। प्रशासन ग्रामीणों को समझाने में जुटा है।
ग्रामीणों (Villagers) का कहना है कि यहां पिछले कई वर्षों से बिजली की समस्या है। इस ओर किसी भी जन प्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान नहीं है। इसके अलावा बिसौली विधानसभा के कई अन्य गांवों में भी चुनाव का बहिष्कार किया गया है। सहसवान विधानसभा की बात करें तो सुकटिया और हरनाम नगला गांव के लोगों ने भी सड़क न बनने से नाराज होकर चुनाव का बहिष्कार (boycott) किया है। हालांकि जिला प्रशासन बहिष्कार करने वाले मतदाताओं को वोट देने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है। अब देखने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन नाराज मतदाताओं को मनाने और मतदान शुरू कराने में कितना समय लेती है।
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