टेक्नोलॉजी डेस्क। सरकारी कंपनी बीएसएनएल के यूजर्स के लिए खुशखबरी है। कंपनी ने ‘कॉलर नेम प्रेजेंटेशन’ (CNAP) सर्विस की टेस्टिंग को शुरू कर दिया है। अगले 3 से 4 महीनों में यूजर्स को यह सुविधा उनके फोन में मिल सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा होगा कि अनजान नंबर से कॉल करने वाले का नाम भी फोन में लिखा हुआ आएगा। इससे पहले ही पता चल जाएगा कि कोई जानकार कॉल कर रहा है या फिर फालतू कॉल आ रही है।
यह भी पढ़ें-लांच हुआ पावरफुल फोन Samsung Galaxy M15 5G, बेहद कम है कीमत
रिपोर्ट के अनुसार, BSNL ने प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों- जियो, एयरटेल और VI के साथ CNAP सर्विस को टेस्ट करना शुरू किया है। इसका मतलब है कि BSNL सिम इस्तेमाल करने वालों के मोबाइल में जिस भी नेटवर्क से अनजान कॉल आएगी, वह कॉलर का नाम अपने मोबाइल में देख पाएंगे।
यह काफी हद तक ट्रूकॉलर की सर्विस की तरह है, लेकिन दोनों में नाम प्रदर्शित होने का बुनियादी फर्क है। ट्रूकॉलर में क्राउडसोर्स डेटा पर मौजूद जानकारी के अनुसार कॉलर का नाम बताया जाता है। अगर आपको किसी अनजान नंबर से कॉल आती है तो फोन में उसका वह नाम दिखाई देगा, जिस नाम से उसे सिम इशू किया गया होगा। यह मुख्य रूप से KYC डेटा से जुड़ा होगा यानी कॉल करने वाले के आधार और पैन कार्ड में दर्ज नाम।

हालांकि ध्यान देने वाली बात है कि इस सर्विस को 2G ग्राहकों के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है। आजकल डिजिटल फ्रॉड के मामले बहुत बढ़ गए हैं। अनजान नंबरों से आने वाली कॉल पर लोग भरोसा कर लेते हैं। CNAP से लोगों को अनजान कॉलर की असलियत पता चल जाएगी, वह जान पाएंगे कि कॉल करने वाला सही आदमी है या गलत।
Tag: #nextindiatimes #BSNL #Truecaller #Technology




