28.1 C
Lucknow
Friday, April 4, 2025

बिहार में नीतीश सरकार ने भंग कर दिए ये 5 आयोग, होगी प्रशासक की नियुक्ति

बिहार। बिहार (Bihar) में चलने वाले मदरसा शिक्षा बोर्ड, संस्कृत शिक्षा बोर्ड के साथ ही अल्पसंख्यक, महिला और बाल श्रमिक आयोग (Commission) भंग होंगे। गुरुवार को बिहार विधानसभा (Assembly) में इन आयोग और बोर्ड से संबंधित संशोधन विधेयकों को स्वीकृति मिल गई। सरकार का पक्ष रखते हुए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विधेयक में संशोधन (amendment) को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को निराधार बताया।

यह भी पढ़ें-बिहार में अवैध तरीके से घुसा चीनी नागरिक, भनक लगते ही पुलिस ने किया ये काम

गुरुवार को विधानसभा (Assembly) में संबंधित विभागों के प्रभारी मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों के संशोधन विधेयकों को सदन पटल पर रखा। विपक्षी सदस्यों की ओर से लाए गए संशोधन प्रस्ताव (amended Act) पर चर्चा और उनके अस्वीकृत होने के बाद इन संशोधन विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। संशोधित अधिनियम लागू होने की तिथि से वर्तमान में कार्यरत आयोग (Commission) व बोर्ड भंग हो जाएंगे।

सरकार आयोग (Commission) से जुड़े मामलों के प्रबंधन के लिए एक प्रशासक नियुक्त करेगी। प्रशासक सचिव स्तर के पदाधिकारी होंगे। सरकार (Government) के पास प्रशासन को निर्देश या परामर्श जारी करने का अधिकार होगा और ऐसे निर्देश या परामर्श प्रशासक के लिए बाध्यकारी होंगे। इससे पहले अजीत शर्मा, अख्तरूल इमान, समीर कुमार महासेठ, अजय कुमार सिंह सहित अन्य सदस्यों ने विधेयक पर जनमत जानने या प्रवर समिति (committee) गठित कर रिपोर्ट लिये जाने के बाद ही संशोधन किए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे अस्वीकृत कर दिया गया।

आयोगों (Commission) के विघटन के बाद इनके कामकाज के पुनर्गठन के लिए अपनाए जाने वाले उपायों के संबंध में सुझाव देने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित होगी। समिति सरकार (Government) को महीने भर में प्रतिवेदन देगी। सरकार (Government) विशेषज्ञों की समिति की अनुशंसाओं को आवश्यक संशोधनों के साथ स्वीकार कर सकेगी। अनुशंसा प्रतिवेदन मिलने के उपरांत राज्य सरकार को अधिकतम दो माह के अंदर अधिनियम की धारा तीन के अंतर्गत आयोग (Commission) का पुनर्गठन करना अनिवार्य होगा।

Tag: #nextindiatimes #Commission #Assembly #bihar

RELATED ARTICLE

close button