28.5 C
Lucknow
Sunday, March 15, 2026

एक हादसे से हुआ था LPG गैस का आविष्कार, जानें कैसे बनी थी रसोई गैस?

डेस्क। मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है और इसका असर ऊर्जा आपूर्ति पर काफी ज्यादा पड़ रहा है। इसी बीच आइए जानते हैं कि LPG की खोज कैसे हुई थी? दरअसल 1900 के दशक की शुरुआत में पेट्रोल का भंडारण ईंधन विक्रेताओं और उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती था। भंडारण या फिर परिवहन के दौरान पेट्रोल तेजी से भाप बनकर उड़ जाता था।

यह भी पढ़ें-LPG उपभोक्ता जल्दी से कर लें ये काम, नहीं तो कट जाएगा गैस कनेक्शन

दरअसल पेट्रोल के कंटेनरों के अंदर गैस बन जाती थी। इस वजह से तरल ईंधन की मात्रा कम हो जाती थी और विस्फोट की संभावना भी बढ़ जाती थी। एलपीजी की खोज वाल्टर स्नेलिंग ने की थी। उन्होंने 1910 में वाष्पीकरण की समस्या पर शोध किया था। उनकी जांच तब शुरू हुई जब एक ग्राहक ने शिकायत की कि जब वह घर पहुंचा तब तक उसके द्वारा खरीदा गया लगभग आधा पेट्रोल गायब हो चुका था।

स्नेलिंग ने इस घटना के पीछे की वजह को जानने के लिए पेट्रोल के रासायनिक व्यवहार का अध्ययन करने का फैसला किया। अलग-अलग तापमान पर पेट्रोल के साथ प्रयोग करते समय उन्होंने पाया कि पेट्रोल के अंदर प्रोपेन और ब्यूटेन जैसी गैस होती हैं। सामान्य तापमान पर ये गैस तरल पेट्रोल से अलग होकर हवा में मिल जाती थीं। यही वजह है कि पेट्रोल तेजी से भाप बनकर उड़ जाता था।

इन गैसों को स्नेलिंग ने इकट्ठा करके एक अलग ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की सोची। इसके बाद स्नेलिंग ने साधारण प्रयोगशाला उपकरणों का इस्तेमाल करके पेट्रोल से इन गैस को अलग करने का प्रयोग किया। प्रोपेन और ब्यूटेन को अलग करके उन्हें कंप्रेस करके वह उन्हें तरल रूप में बदलने में सफल रहे। इसे ही आज हम लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस कहते हैं।

Tag: #nextindiatimes #LPGCrisis #LPG

RELATED ARTICLE

close button