डेस्क। हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) मनाया जाता है। आजकल महिलाएं घरेलू कामों के अलावा भी अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कौशल का प्रदर्शन करती हैं। ऐसे में इस दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों को सम्मानित करने का अवसर होता है। महिलाओं (women) का सम्मान सिर्फ एक परंपरा या औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज (society) की उन्नति और विकास की सबसे अहम बुनियाद है।
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इस दिन का उद्देश्य महिलाओं (women) के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और समानता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। 8 मार्च सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि नारी शक्ति के संघर्ष, संकल्प और सफलता का उत्सव है। दुनिया भर में इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) के रूप में मनाया जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस खास दिन की शुरुआत कैसे हुई?
8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है महिला दिवस (International Women’s Day)?
रूस में 1917 की क्रांति के दौरान महिलाओं ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया। उन्होंने युद्ध के खिलाफ आवाज उठाई और बेहतर अधिकारों की मांग की। महिलाओं के इस आंदोलन ने वहां की सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया, और उन्हें वोटिंग का अधिकार मिला। यह प्रदर्शन 8 मार्च को हुआ था, इसलिए इस तारीख को महिला दिवस के रूप में चुना गया।

बाद में, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 1977 में आधिकारिक रूप से 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया। तब से लेकर अब तक, यह दिन महिलाओं के सम्मान और उनके हक की लड़ाई का प्रतीक बन चुका है। हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) एक खास थीम के साथ मनाया जाता है। साल 2025 की थीम ‘एक्सीलरेट एक्शन’ (Accelerate Action) रखी गई है, जिसका अर्थ है तेजी से कार्य करना।
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