डेस्क। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज; यह वही जलडमरूमध्य है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और गैस गुजरता है। आइये जानते हैं कि ऐसे में अगर यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है तो किन देशों में आने-जाने के रास्ते बंद हो जाएंगे?
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Strait of Hormuz पर्शियन गल्फ को गल्फ ऑफ ओमान और आगे अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक स्तर पर होने वाले समुद्री व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी के चौक पॉइंट से गुजरता है और होर्मुज उनमें सबसे संवेदनशील जगह में शामिल है। हर दिन बड़ी मात्रा में तेल और गैस के टैंकर इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। यहां किसी भी तरह की रुकावट सीधे वैश्विक चैन सप्लाई को प्रभावित करती है।
पर्शियन गल्फ से जुड़े कई देश के लिए समुद्री व्यापार का मुख्य रास्ता यही जलडमरूमध्य है। इनमें ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान जैसे देश शामिल है। इनमें से कई देशों के पास खुले समुद्र तक पहुंचने का यही प्रमुख मार्ग है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो इन देशों से तेल और गैस का निर्यात रुक सकता है, जिससे आर्थिक व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरत के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है। कच्चे तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। जापान ऊर्जा जरूरत के लिए लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर है और उसका बड़ा हिस्सा होर्मुज के रास्ते से आता है। इसी तरह दक्षिण कोरिया भी खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है। इस रास्ते के बंद होने से इन देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है, जिससे इंडस्ट्री और टेक सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा।
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