नई दिल्ली। पानी के बढ़े हुए बिल (bills) भुगतान को लेकर वन टाइम सटलमेंट स्कीम के रुक जाने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं (workers) के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने कार्यकर्ताओं (workers) को संबोधित भी किया।
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उन्होंने (Arvind Kejriwal) कहा- दिल्ली में पानी के गलत बिल आने से तकरीबन 11 लाख परिवार परेशान हैं। हमारी सरकार (Delhi government) पानी के इन गलत बिलों (bills) को ठीक करने के लिए स्कीम लेकर आई लेकिन भाजपा (BJP) ने साजिश करके उसे रोक दिया। लेकिन हम संघर्ष करेंगे, इस स्कीम को लागू करवा कर रहेंगे।
उन्होंने (Arvind Kejriwal) कहा कि मैं जिस तरह से सरकार चला रहा हूं, आप लोग समझ नहीं सकते, ये हमें काम नहीं करने देते। मैं जिन हालात में सरकार चला रहा हूं, उससे मुझे नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) मिलना चाहिए। सरकार (government) मैं चला रहा हूं और अधिकारी एलजी की सुनते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जब कहा कि अधिकारियों के तबादले का अधिकार दिल्ली सरकार (Delhi government) के पास होना चाहिए तो इन्होंने संसद में कानून बना कर उसे पलट दिया। मगर मुझे कोई नहीं रोक सकता मैं जनता के काम करता रहूंगा। मेरा नोबेल पुरस्कार मेरी जनता है। मुझे और कोई नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) नहीं चाहिए है।

उन्होंने (Arvind Kejriwal) कहा कि हमारी स्कीम क्या है, इसे ध्यान से सुनना जरूरी है। अगर उपभोक्ता ने दो से पांच वर्ष तक बिल (bills) नहीं भरा है, तो इस दौरान उसके जो दो बाकी बिल (bills) मिलते हैं, उसे सही मान लिया जाएगा। इसका औसत निकालकर उसी आधार पर बाकी महीनों का बिल लिया जाएगा। दूसराः यह नेबरहुड पॉलिसी (neighborhood policy) है। अगर किसी के यहां पानी का मीटर ही नहीं है, तो उस स्थिति में उसके गली में उसी साइज वाले मकान से औसतन बिल निकाला जाएगा।
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