डेस्क। अयातुल्ला अली खामेनेई के अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मारे जाने के बाद उनके दूसरे सबसे बड़े बेटे मुज्तबा हुसैनी खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। मुज्तबा की पहचान कभी एक बड़े मौलवी के रूप में नहीं रही और न ही उन्होंने कभी सरकार में कोई आधिकारिक पद संभाला, फिर भी वे ईरान की सत्ता के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बनकर उभरे हैं।
यह भी पढ़ें-यूपी के इस गांव से था खामेनेई का कनेक्शन, आज भी मौजूद है यादें
मोजतबा खामेनेई केवल एक राजनीतिक उत्तराधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे एक विशाल और बेहद गुप्त वित्तीय साम्राज्य के मालिक भी हैं। उन पर 2019 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए गए थे लेकिन ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि वे वैश्विक स्तर पर एक बड़ा प्रॉपर्टी एम्पायर खड़ा करने में सफल रहे।उनके पास लंदन के सबसे महंगे इलाके ‘बिलियनेयर्स रो’ (बिशप्स एवेन्यू) में आलीशान घर हैं, जिनकी कीमत 138 मिलियन डॉलर (करीब 1150 करोड़ रुपये) से अधिक आंकी गई है।

इसके अलावा जर्मनी और स्पेन के होटल व्यवसाय में भी उनके निवेश की खबरें हैं। वे शेल कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए पश्चिमी बाजारों में अरबों डॉलर का फंड संचालित करते हैं। इसके अलावा उनकी नेटवर्थ की बहुत ज्यादा जानकारी पब्लिक डोमेन में नहीं है। मुज्तबा की ताकत का असली स्रोत ईरान का राष्ट्रीय ‘स्लश फंड’ यानी ‘सेताद’ माना जाता है।
लगभग 100 बिलियन डॉलर की संपत्ति वाले इस फंड का प्रबंधन मुज्तबा के पास रहा है। उनके वित्तीय नेटवर्क के तार तेल व्यापार, टेलीकॉम और खनन उद्योगों से गहराई से जुड़े हैं। यह भी दावा किया जाता है कि यूएई, सीरिया, वेनेजुएला और कई अफ्रीकी देशों के बैंकों में उनके खाते हैं और वहां उन्होंने बड़ी मात्रा में सोना और हीरा जमा कर रखा है।
Tag: #nextindiatimes #MojtabaKhamenei #IranIsraelWar




