नई दिल्ली। लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने अब Rajya Sabha सांसद के तौर पर शपथ ले ली है। अब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद को छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि सांसद बनने के बाद मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफे की अंतिम समय सीमा क्या है?
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भारतीय संविधान के तहत कोई भी व्यक्ति जो राज्य विधान मंडल का सदस्य नहीं है वह अधिकतम 6 महीने तक मुख्यमंत्री के पद पर बना रह सकता है क्योंकि नीतीश कुमार बिहार विधान परिषद के सदस्य नहीं रहे इस वजह से वे अब इस श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। इसका मतलब यह है कि राज्यसभा सांसद बनने के बाद भी वे 10 अप्रैल 2026 से लेकर अगले 6 महीने तक कानूनी तौर पर मुख्यमंत्री के पद पर बने रह सकते है।

दोहरी सदस्यता निषेध नियम 1950 के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक ही समय पर सांसद और राज्य विधानमंडल दोनों का सदस्य नहीं हो सकता। इसी नियम का पालन करते हुए नीतीश कुमार ने 30 मार्च 2026 को ही अपने बिहार विधान परिषद पद से इस्तीफा दे दिया था। यह राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद निर्धारित 14 दिनों की समय सीमा के अंदर था।
हालांकि संविधान छह महीने तक पद पर बने रहने की छूट देता है लेकिन ऐसी उम्मीद नहीं है कि नीतीश कुमार इस पूरी अवधि का लाभ उठाएंगे। नीतीश द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद वे अपना त्याग पत्र बिहार के राज्यपाल को सौंपेंगे। इस्तीफा स्वीकार हो जाने के बाद जब तक किसी नए नेता की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पद पर बने रह सकते हैं।
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