डेस्क। ईरानी मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर हाल के हमले की रिपोर्ट ने दुनिया भर में अमेरिकी मिलिट्री दखल के इतिहास के बारे में एक बड़ी बहस को फिर से शुरू कर दिया है। कुछ पुराने रिकॉर्ड्स बताते हैं कि US दुनिया भर में सैकड़ों दखल में शामिल रहा है।
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यूनाइटेड स्टेट्स कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस और इंडिपेंडेंस रिसर्च ग्रुप जैसे संस्थानों की पुरानी स्टडीज और रिपोर्ट के मुताबिक यूनाइटेड स्टेट्स ने 1776 और 2026 के बीच दुनिया भर में 400 से ज्यादा मिलिट्री दखल किए हैं। इन ऑपरेशन का एक बड़ा हिस्सा 1950 के बाद हुआ। दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूनाइटेड स्टेट्स एक ग्लोबल सुपरपावर के तौर पर उभरा। अकेले 1945 से यूनाइटेड स्टेट्स ने कम से कम 30 देशों पर बमबारी की और दुनिया के अलग-अलग इलाकों के करीब 96 देशों में किसी ना किसी तरह के मिलिट्री दखल दिए।

21वीं सदी में आतंक के खिलाफ युद्ध के तहत शुरू किए गए अफगानिस्तान और इराक के युद्ध से इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ और लंबे समय तक अस्थिरता बनी रही। इन संघर्षों की वजह से बड़े पैमाने पर लोगों को हटाया गया, आर्थिक गिरावट आई और साथ ही बड़ी संख्या में आम लोगों की मौत भी हुई।
मिलिट्री युद्ध के अलावा यूनाइटेड स्टेट्स पर कई देशों में राजनीतिक दखल और शासन में बदलाव को सपोर्ट करने या फिर उन्हें ऑर्गेनाइज करने का भी आरोप लगा है। ईरान में 1953 का तख्तापलट इसका सबसे मशहूर उदाहरण है। यहां सीआईए ने डेमोक्रेटिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री मोहम्मद मोसादेग को हटाने में मदद की थी। 1973 में चिली में यूनाइटेड स्टेट्स के शामिल होने के बारे में भी ऐसे ही आरोप लगे हैं। यहां साल्वाडोर अलेंदे की सरकार गिरा दी गई थी।
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