नई दिल्ली। हाल ही में केरल का नाम बदलने को लेकर चर्चा चल रही है। इसी मामले में केरल का आधिकारिक नाम केरलम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। 24 जून 2024 को राज्य विधानसभा ने नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद केंद्र स्तर पर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हुई।
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यह है पूरी प्रक्रिया:
अगर कोई state अपना नाम बदलना चाहता है तो सबसे पहले उसकी विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाता है। प्रस्ताव पास होने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाता है। इसके बाद उस प्रस्ताव की केंद्र का गृह मंत्रालय कानूनी और प्रशासनिक जांच करता है। जरूरत पड़ने पर इंटेलिजेंस ब्यूरो, भारतीय सर्वेक्षण विभाग, डाक विभाग और रजिस्ट्रार जनरल जैसी एजेंसियों से राय ली जाती है।

गृह मंत्रालय की जांच के बाद गृह मंत्रालय इस प्रस्ताव को राष्ट्रपति के पास भेजता है। वहीं राष्ट्रपति इसे संबंधित राज्य की विधानसभा को उनकी राय देने के लिए भेजते हैं। राष्ट्रपति की ओर से राज्य की विधानसभा को उनकी राय लेने के लिए प्रस्ताव भेजने के बाद उस प्रस्ताव पर राज्य विधानसभा चर्चा कर अपनी राय देती है। यह राय अनिवार्य होती है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला संसद के हाथ में होता है।
संबंधित राज्य की ओर से राय मिलने के बाद केंद्र सरकार संसद में नाम परिवर्तन से जुड़ा विधेयक पेश करती है। संसद के साथ ही लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बिल पर चर्चा होती है। जिसके बाद अगर संशोधन संभव होता है तो बहुमत से पारित होने के बाद विधेयक अगले चरण में जाता है। संसद से विधेयक पारित होने के बाद राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है। उनकी स्वीकृति के बाद यह कानून का रूप ले लेता है।
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