भोपाल। झांसी के पास में मध्य प्रदेश का एक छोटा-सा गांव है ओरछा। बुंदेलखंड के इतिहास को अपने में समेटे यह गांव मध्य प्रदेश टूरिज्म का प्रमुख हिस्सा है। यहां ‘राम राजा मंदिर’ स्थित है। यहां पर Shri Ram को राजा की तरह पूजा जाता है। मान्यता है कि राम यहां के राजा हैं। यहां पर जब दर्शन के लिए पट खुलते हैं तो सबसे पहले पुलिस की सलामी दी जाती है।
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आज भी यहां एक मान्यता प्रचलित है कि राम को ओरछा इतना पसंद है कि वह अयोध्या में रात रुकते हैं और सुबह ओरछा आ जाते है। इस मंदिर की सबसे चौंकाने वाली और अनूठी परंपरा यहां दी जाने वाली सलामी है क्योंकि भगवान राम यहां के राजा हैं, इसलिए मध्य प्रदेश पुलिस के जवान उन्हें बाकायदा सशस्त्र सलामी देते हैं।

यह प्रक्रिया ठीक वैसी ही होती है जैसी किसी देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के लिए अपनाई जाती है। दिन के विभिन्न पहरों में पुलिस की टुकड़ी यहां तैनात रहती है और पूरे सैन्य सम्मान के साथ राजा राम को नमन करती है। कहा जाता है कि ओरछा की महारानी कुंवरि गणेश भगवान राम की परम भक्त थीं। एक बार राजा मधुकर शाह के साथ उनका धार्मिक विवाद हो गया, जिसके बाद रानी ने संकल्प लिया कि वे अयोध्या जाकर स्वयं भगवान राम को ओरछा लेकर आएंगी।
रानी अयोध्या पहुंचीं और सरयू के तट पर कठिन तपस्या शुरू कर दी। जब बहुत समय बीतने पर भी प्रभु प्रकट नहीं हुए, तो व्याकुल होकर रानी ने सरयू नदी में छलांग लगा दी। उनकी भक्ति देख भगवान राम बाल रूप में प्रकट हुए और उनके साथ ओरछा चलने को तैयार हो गए।
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